कानून व्यवस्था पर उच्च सदन में घिरी योगी सरकार

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानपरिषद में कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने सरकार की जबरदस्त घेरेबंदी किया। नेता सदन उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा के जवाब से असंतुष्ट होकर सपा-बसपा ने सदन का बहिर्गमन किया। समाजवादी पार्टी के राम सुंदर दास निषाद, शतरुद्ध प्रकाश, बलराम यादव, अहमद हसन के साथ 28 सदस्यों ने नियम 105 के अन्तर्गरत सूचना लगाया था। इन सदस्यों ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आयी है तब से प्रदेश में कानून का शासन समाप्त हो गया।भाजपा सरकार में अपराध का डंका बज रहा है।राजधानी लखनऊ और नोयडा में कमिश्नरी पुलिस प्रणाली लागू होने के बाद भी ताबड़तोड़ हत्याएं, लूट, बलात्कार की घटनाएं रोज घट रही है। प्रदेश में जंगलराज कायम है। अपराधी बेखौफ होकर आये दिन निर्दोष नागरिकों की हत्या, बलात्कार, चोरी व लूट कर रहे हैं। जनपद गोंडा में खेत की रखवाली करने वाले युवक की हत्या कर दी गयी। जनपद अयोध्या में जिलापंचायत सदस्य के घर में उनकी पुत्री पर एक आदमी ने चाकू से हमला किया। बहराइच में थाना केसरगंज मेबादमाशों ने बैंक से निकलते ही एक व्यक्ति के रुपये छीनकर फरार हो गये।

राजधानी लखनऊ में भी हत्या, चोरी, ठगी, स्नैचिंग और लूट की घटनाएं रोज ही घटित हो रही है, पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।इसका ताजा उदाहरण 20 फरवरी 2020 की राजधानी के गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में दिन-दहाड़े अलखनंदा अपार्टमेंट के गेट पर बीबीडी कॉलेज के बीटेक छात्र प्रशांत सिंह की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गयी और हत्यारे बेखौफ होकर हत्या करने के बाद ताली बजाते हुए वहां से फरार हो गए।इसी तरह लखनऊ के चौक क्षेत्र में जहां थोक गुटखा व्यापारी की एजेंसी में दिन दहाड़े बदमशों ने लाखों की लूट की और एजेंसी पर काम करने वाले व्यक्ति सुभाष द्वारा रोकने पर उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गयी। पुलिस द्वारा जांच के नाम पर मात्र औपचारिकता निपटाई जा रही है। इस प्रकार की घटनाओं से प्रदेश की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। प्रदेश की जनता भय और आतंक से जीने को विवश है। इन कंटीले सवालों के जवाब में नेता सदन दिनेश शर्मा ने जवाब देते हुए विपक्ष के हर आरोप का जवाब दिया। उन्होंने विभिन्न प्रकारों में हुई अब तक की वैधानिक करवाई का विवरण सदन में रख दिया। उनके उत्तर से विपक्षी सदस्य असंतुष्ट दिखे। उन्होंने ने पहले समाजवादी पार्टी के सदस्य पहले वेल में आकर अपना विरोध जताया उसके बाद बहिर्गमन कर दिए। उनके पीछे ही बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने भी  सदन का बहिर्गमन कर दिया।

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