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कंगना रनौत के भीख में मिली आजादी वाले बयान पर भड़के मुकेश खन्ना

एक्ट्रेस कंगना रनौत को अपने तीखे बयानों की वजह से काफी आलोचना झेलनी पड़ती है. कुछ समय पहले एक्ट्रेस अपने भीख में मिली आजादी वाले बयान को लेकर काफी ट्रोल हुई थी. इस बयान की वजह से कई जगहों पर उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज हुई थी. अब इसपर महाभारत के ‘भीष्म’ मुकेश खन्ना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

मुकेश खन्ना ने कंगना रनौत की एक फोटो अपने इंस्टाग्राम पर लगाकर एक लंबा- चौड़ा पोस्ट लिखा हैं. उन्होंने लिखा है, कई लोग बार बार मुझसे कह रहे हैं कि आपने देश के स्वतंत्रता पर किए गए कटाक्ष पर कोई टिप्पणी नहीं दी. क्यों ?? तो मैं बताऊं. दे चुका हूं. पर शायद पढ़ा नहीं गया. तो सोचा पब्लिकली ही कह दूं।

आगे मुकेश खन्ना लिखते हैं, मेरे हिसाब से ये स्टेट्मेंट बचकाना था. हास्यास्पद था. चापलूसी से प्रेरित था. अज्ञानता दर्शाता था या पद्म अवार्ड का साइड इफेक्ट. मैं नहीं जानता. पर सब ये जानते हैं और मानते भी हैं कि हमारा देश 15 अगस्त 1947 को ही आज़ाद हुआ था. इसको अलग जामा पहनाने की कोशिश करना भी किसी के लिए मूर्खता से कम नहीं होगा।

पर यहा. मैं ये खुलासा भी करना चाहूंगा कि ये कहना या गाना की.. दे दी हमें आज़ादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल.. भी वास्तविकता से उतना ही दूर है जितना ऊपर वाला स्टेट्मेंट. हक़ीक़त ये है कि अंग्रेज़ी हुकूमत के मन में अगर किसी ने भागने का ख़ौफ़ पैदा किया तो वो था देश के असंख्य क्रांतिकारियों का बलिदान, सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज का डर और अपने ही सैनिकों की बग़ावत।
गौरतलब है कि कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, ‘1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी और जो आजादी मिली है वह 2014 में मिली. एक्ट्रेस के इस बयान का कई नेता से लेकर सेलेब्स ने विरोध किया था।

News Reporter
पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाली निकिता सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ताल्लुक रखती हैं पिछले कुछ सालों से परिवार के साथ रांची में रह रहीं हैं और अब देश की राजधानी दिल्ली में अपनी सेवा दे रहीं हैं। नेशनल ब्रॉडकास्टिंग अकादमी से पत्रकारिता में स्नातक करने के बाद निकिता ने काफी समय तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के न्यूज़ पोर्टल्स में काम किया। उन्होंने अपने कैरियर में रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग के साथ-साथ वॉइस ओवर में भी तजुर्बा हासिल किया। वर्त्तमान में नमामि भारत वेब चैनल में कार्यरत हैं। बदलती देश कि राजनीती, प्रशासन और अर्थव्यवस्था में निकिता की विशेष रुचि रही है इसीलिए पत्रकारिता की शुरुआत से ही आम जन मानस को प्रभावित करने वाली खबरों पर पैनी नज़र रखती आ रही हैं। बेबाकी से लिखने के साथ-साथ खाने पीने का अच्छा शौक है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में योगदान जारी है।
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