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ममता बनर्जी इज़ न्यू मोदी एंड अमित शाह ?

ममता बनर्जी बंगाल से बाहर दहाड़ने की कोशिश कर रही है। बंगाल की मुख्यमंत्री के बाद सीधा अब देश की प्रधानमंत्री बनने की तैयारी में लग गयी है। इसके लिए ममता मोदी को मोदी बनाने वाले प्रशांत किशोर के नक़्शे कदम पर चल रही है। 

मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद से ही लोगो में सवाल था कि मोदी के बाद कौन ? अगले चुनाव में मोदी के सामने राहुल गाँधी को खड़ा किया गया जिसका नतीजा हम सब जानते है। अब इसी चीज़ का फायदा ममता उठा रही है। मोदी के सामने अब खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। 

अमित शाह की चाणक्य निति को अब ममता अपनी चाणक्य निति बनाने की कोशिश कर रही है। चाणक्य निति मने दूसरी विपक्षी पार्टी को तोड़ कर उनके सांसद और विधायक को ख़रीद कर अपनी पार्टी में ले आओ। आसान भाषा में चाणक्य निति का मतलब डेमोक्रेसी का नंगा नाच होता है। जनता के वोट की वैल्यू को पूरी तरह से ठेंगा दिखाना चाणक्य निति कहलाती है। 

यही चाणक्य निति कुछ वक़्त से ममता बनर्जी पूरे देश में कर रही है। कांग्रेस के नेता जन को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। दिल्ली गोवा बिहार और अब मेघालय से ममता ने कांग्रेस के विधयक को अपनी पार्टी TMC में शामिल कर लिया है। मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के साथ कांग्रेस के 17 में से 12 विधायकों को ममता ने TMC में शामिल कर लिया है। जिसके बाद अब मालूम चलता है कि कांग्रेस की नइया पहले बीजेपी ने लूटी और अब TMC लूट रही है। 

TMC में शामिल अब तक का सबसे बड़ा नाम सुब्रमण्यम स्वामी का है। वैसे भी सुब्रमण्यम स्वामी TMC में काहे नहीं आते ? जब सुब्रमण्यम स्वामी सोनिया गाँधी के सबसे बड़े आलोचक है। बीते बुधवार को सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली में ममता बनर्जी से मुलाकात की और कहा ‘मैं पहले से ही ममता के साथ था।’

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक की। बैठक के बाद, सुब्रमण्यम स्वामी ने उनके आराम करने के लिए तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाईं। जिसके बाद स्वामी ने कहा “मैं पहले से ही ममता साथ था। मुझे TMC में शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है।” बाद में, सुब्रमण्यम स्वामी ने जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, राजीव गांधी, चंद्रशेखर और अन्य नेताओं से ममता की तुलना की। 

यह बैठक टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई। संयोग से स्वामी मंगलवार को कोलकाता में थे, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। शाम को, ममता ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से भी भी मुलाकात की, जहां उन्होंने बंगाल में बीएसएफ के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र सहित विभिन्न मुद्दों को हरी झंडी दिखाई। 

क्या है ममता और स्वामी में कनेक्शन ?

इस बैठक के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए, ममता ने स्वामी के साथ उनके अनबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा: “वह एक वरिष्ठ व्यक्ति हैं, भाजपा सांसद हैं। यदि कोई व्यक्ति आपसे मिलना चाहता है तो आप किसी से भी मिल सकते हैं। राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन नुकसान क्या है? यह हमारा लोकतंत्र है।”

स्वामी, जिन्हें पिछले महीने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति से हटा दिया गया था, अतीत में कई मौकों पर टीएमसी सुप्रीमो ममता की प्रशंसा कर चुके हैं। हाल ही में, स्वामी ने अक्टूबर में संपन्न हुई एक वैश्विक शांति सम्मेलन में भाग लेने के लिए ममता बनर्जी को रोम जाने की अनुमति देने से इनकार करने पर केंद्र की आलोचना की थी। नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ममता के पैर में चोट लगने के बाद उन्होंने ममता को अपनी “शुभकामनाएं” भी दी थीं। 2020 में, सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता बनर्जी को एक ट्वीट में कहा था: “मेरे अनुसार ममता बनर्जी एक पक्की हिंदू और दुर्गा भक्त हैं।”

इससे पहले मंगलवार को टीएमसी ने कांग्रेस के पूर्व नेताओं अशोक तंवर, कीर्ति आजाद और जद (यू) के पूर्व सांसद पवन वर्मा को राष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज कराने के अपने प्रयास के तहत TMC में शामिल किया है।

News Reporter
Akash has studied journalism and completed his master's in media business management from Makhanlal Chaturvedi National University of journalism and communication. Akash's objective is to volunteer himself for any kind of assignment /project where he can acquire skill and experience while working in a team environment thereby continuously growing and contributing to the main objective of him and the organization. When he's not working he's busy reading watching and understanding non-fictional life in this fictional world.

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