निष्कंटक अभिभाषण पढ़ना आनंदीबेन की पहली परीक्षा

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। बृहस्पतिवार से उत्तर प्रदेश विधानसभा 2020 का पहला सत्र प्रारंभ हो रहा है। राज्यपाल दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। यही सत्र उत्तर प्रदेश सरकार का बजट सत्र भी होगा। इससे पहले 2019 के प्रथम सत्र में जब तत्कालीन राज्यपाल रामनाईक संयुक्त सदन को संबोधित किया था। विपक्ष ने कागज के गोले फेंक कर अवरोध पैदा करने की बड़ी कोशिश किया लेकिन रामनाईक अपना पूरा भाषण पढ़ने के लिए भी जाने गये। वर्तमान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपना पूरा भाषण पढ़ पाएंगी या नहीं बता पाना मुश्किल है। अब विपक्ष भी विचार करेगा कि महिला राज्यपाल के साथ कुछ विनम्र वर्ताव करे। सीएए और एनआरसी के अलावा भी हंगामें के लिये विपक्ष के पास कई ज्वलंत मुद्दे हैं। बुनकरों की सब्सिडी बंद होने के मुद्दे पर सरकार घिर सकती है।कानून व्यवस्था और आर्थिक विफलता पर विपक्ष हमला बोलेगा। सरकार श्रीरामजन्मभूमि के फैसले के बाद प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल स्थापित करना, डिफेंस एक्सपो के सफल आयोजन, दीपावली से पूर्व प्रदेश को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रूप में अखिलेश सरकार का टेंडर रद्द करके से उससे कम लागत में एक और एक्सप्रेसवे देने की घोषणा से विपक्ष को हतोत्साहित करेगी। 403 सदस्यों की विधानसभा में समाचार लिखे जाने तक तीन विधानसभा सदस्य जेल में है। वह सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे की नहीं अभी यह नहीं कहा जा सकता।  दो विधानसभा सदस्य प्रदेश की बाहर की जेलों में हैं। शामली जिले की कैराना सीट से सपा विधायक नाहिद हशन भी जेल में बंद है। मऊ जिले की सदर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी से विधायक मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद है। उन्नाव जिले की बांगरमऊ सीट से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर तिहाड़ जेल में हैं। विधानपरिषद के एक सदस्य बृजेश सिंह भी जेल में हैै।

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