घूमने के हैं शौकीन तो जरुर जाएं उत्तराखंड के हिल स्टेशन ‘औली’
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तृप्ति रावत/कहीं आप ऐसी जगह तो नहीं जाना चाहते हैं, जहां पर नदियां, पहाड़ और वाइल्ड लाइफ हो। ऐसे जगह जहां आपको हिल स्टेशन जैसी खूबसूरती के साथ वाइल्ड लाइफ देखने का भी मौका मिले। जी हां, अगर आप गर्मियों में घूमने का प्लान बना रहें तो हम आपको बताते हैं ऐसी जगह के बारे में। ‘औली’ एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो पूरी दुनिया में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है।

यह खूबसूरत जगह समुद्रतल से 2800मीटर ऊपर में है। यहां आपको शंकु के आकार के जंगल देखने को मिलेंगे। औली का इतिहास 8वी शताब्दी में पाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, गुरु आदि शंकराचार्य इस पवित्र स्थान पर आए थे। इस जगह को ’बुग्याल ’ भी कहा जाता है जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है ’घास का मैदान’।

ओस की ढलानों पर चलते हुए पर्यटक नंदादेवी, मान पर्वत तथा कामत पर्वत शृंख्ला के अद्भुत नज़ारें देख सकते हैं। यात्री इन ढलानों से गुज़रने पर सेब के बाग और हरेभरे देवदार के पेड़ देख सकते हैं।

जंगल के बीच का रास्ता- औली तक पहुंचने के लिए देश के सबसे तेज स्पीड वाला रोप वे बनाया गया है। देवदार के घने जंगल से होते हुए यह ढलानों के ऊपरी छोर तक पहुंच जाता है। ऊंचाई के कारण ऐसा लगता है कि मानों आप बादल के बीच में उड़ रहे हो। इससे दूर-दर तक बर्फ से ढकी पहाड़ियों को भी आप दूरबीन की मदद से साफ देख सकते हैं। 3048 मीटर की ऊंचाई पर बुग्याल यानि चारागाह है। धूप के समय यहां की पहाड़ियां ऐसी दिखती है जैसे रूई बिछी हो।

यहां घूमना न भूलें- ’गुरसो बुग्याल’ एक खूबसूरत जगह है, जो गर्मियों में बहुत हरीभरी रहती है। यह जगह कोनिफर और ओक के हरेभरे जंगलों से घिरी हुई है। जोशीमठ से रज्जुमार्ग के द्वारा पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं। गुरसो बुग्याल के पास ’छत्तरकुंड झील’ नामक ऐ छोटा सा जलाशय है। औली के पास स्थित छोटे से गांव ’सैलधर तपोवन’ में यात्री एक प्राकृतिक झरना और एक मंदिर भी देख सकते हैं।

ठंडी के मौसम में बर्फीली ढलानों पर स्कींइग का भरपूर मजा लिया जाता है। अल्पाइन स्कीइंग, नार्डिक स्कीइंग तथा टेलीमार्क स्कीइंग का आनंद लेने के लिए ये ढलानें बेहतरीन हैं। एशिया की सबसे लंबी केबल कार औली में है, जो 4 किमी की दूरी तय करती है। केबल कार को गोंडोला कहते हैं, जिसमें चेअर लिफ्ट और स्की लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है।

औली कैसे पहुंचे औली तक यात्री आसानी से वायुमार्ग, रेलमार्ग तथा सड़कमार्ग द्वारा पहुँच सकते हैं। औली का निकटतम एयरबेस देहरादून का जौली ग्रांट हवाईअड्डा है और निकटतम मुख्य रेलवे स्टेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन है। औली के लिए पास के शहरों से बसें भी उपलब्ध रहती हैं।

कहां ठहरें- यहां ठहरने के लिए गढ़वाल विकास निगम ने एक गेस्ट हाउस बनाया हुआ है। जिसमें लगभग 110 रूम हैं। सभी तरह के बजट वालों के लिए यह सुविधाजनक है। भारत-तिब्बत पुलिस का भी यहां पर रेस्टोरेंट है। आप यहां से घूमने के बाद ठहरने के लिए जोशीमठ भी जा सकते हैं। जोशीमठ में ढेरों होटल व गेस्ट हाउस हैं।

घूमने के लिए बेस्ट टाइम- हिल स्टेशन होने के कारण हर मौसम का आनंद लिया जा सकता है लेकिन नवंबर से जुलाई के बीच का मौसम वहां घूमने जाने के लिए बेस्ट होता है।

 

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