फिल्म निर्माण की शिक्षा ले सकेंगे विद्यार्थी, सुभारती ने शुरु किया नया कोर्स
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मेरठ/ स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय सत्र 2018-19 में क्रेडिट बेस्ड च्वाइस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने जा रहा हैं। आज हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में पत्रकारिता के स्नातक एवं परा­­स्नातक पाठ्यक्रम में सीबीसीएस का मसौदा प्रस्तुत किया गया और ध्वनि मत से इसे मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही मेरठ एंव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को ध्यान रखते हुए विधिवत शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए स्नातक स्तर पर बैचलर ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन प्रोडक्शन के नए कोर्स और पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्रदान की गई। बोर्ड ऑफ स्टडीज के बाद इन बदलाओं को विश्वविद्यालय की आगामी विद्वत परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

गौरतलब हैं कि सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय में शुरु हुए बैचलर ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन प्रोडक्शन पाठ्यक्रम के प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के लिए प्रख्यात टी-सिरीज कम्पनी के संस्थापक और भारतीय फ़िल्म निर्माता स्वर्गीय गुलशन कुमार के शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान गुलशन कुमार फिल्म एडं टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए है, जिसके तहत फिल्म एवं टेलिविजन निर्माण में भविष्य देखने वाले विद्यार्थी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकेंगे और फिल्म निर्माण के गुर सीख सकेंगे। तीन साल के इस कोर्स में कुल 6 समेस्टर होंगे जिसमें विद्यार्थी तीन समेस्टर सिद्धांत और तीन में व्यवहार सीख कर फिल्म निर्माता-निर्देशक बन सकेंगे। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक की अध्यक्षता पत्रकारिता विभाग के प्राचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने की। उन्होंने बताया कि नए सत्र का आगमन 1 अगस्त से नवागंतुक विद्यार्थियों के एक सप्ताह के ओरिएटेशन के साथ होगा। प्रोफेशनल कोर्स होने के नाते जहां सिद्धांत विद्यार्थियों का आधार मजबूत करता हैं, वहीं प्रैक्टिकल विद्यार्थियों के स्किल को निखारता हैं ताकि इंडस्ट्री की जरुरत के मुताबिक उसका सम्पूर्ण विकास हो। सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय इस कार्य को भली प्रकार विगत वर्षों से करता आ रहा है। डॉ. नीरज ने बताया कि स्नातक और परास्नातक स्तर पर सीबीसीएस सिस्टम विद्यार्थियों में विषय चयन की स्वतंत्रता देगा ही साथ ही विशेषज्ञता के इस दौर में फिल्ड चुनकर भविष्य निर्माण की आजादी भी रहेगी।

वहीं एक्सटर्नल एक्सपर्ट के तौर वरिष्ठ फिल्म निर्माता, शिक्षाविद एंव गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के डीन कल्याण सरकार ने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम की सफलता इसी बात में निहित है कि विद्यार्थी पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने के बाद किसी भी मीडिया संस्थान में आज की जरूरत के अनुसार काम करने में सक्षम हो। बैठक में इंडस्ट्री एक्सटर्नल सदस्य के रूप में मौजूद डॉ. अरविंद शुक्ला ने कहा कि छात्रों को अंग्रेजी अनुवाद और विवादस्पद ख़बरों की बारीकियों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है ताकि छात्र ख़बर के मर्म को समझ सके। ­इस बैठक में बीओएस के सदस्य, प्रो. अशोक त्यागी, असिस्टेंट प्रोफेसर गुजन शर्मा, सुरेंद्र कुमार अधाना, यासिर अरफात तथा मौ. मुईद मौजूद रहे।

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