हिंदू वैवाहिक कानूनों ने संतुलन खो दिया है, सुधार की जरूरत : केटीएस तुलसी

नई दिल्ली। देश के जाने माने वकील केटीएस तुलसी ने देश में हो रहे वैवाहिक कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा है कि आजकल महिलाएं अबला नहीं रहीं वो हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर ही सक्रिय हैं लेकिन सालों से देश में महिलाओं के पक्ष में कानूनों की वजह से पुरुष वर्ग पर पक्षपात हो रहा है। केटीएस तुलसी ने कहा कि हिंदू वैवाहिक कानूनों ने संतुलन खो दिया है और इसमें सुधार की जरूरत है। यही नही उन्होंने राष्ट्रीय क्राइम रिकाॅड्स ब्यूरो के आंकड़ों को बताते हुए कहा कि साल दर साल झूठे मामले बढ़ते जा रहे हैं, 2005 में यह 6164 था, 2009 में यह 8352 हो गया और ये संख्या दोगुनी से भी अधिक बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि क्रोध और अहंकार केवल पुरुषों का अवगुण नहीं है यह महिलाओं के साथ भी है, ये मनुष्य के अवगुण हैं।

हिंदू वैवाहिक कानूनों ने संतुलन खो और अब #TripleTalaqBill (TTT) में इसी की नकल की गई है और इसने और भी कठोर बना दिया है कि पति को सिर्फ पत्नी के आरोप में जेल जाना होगा। इन कानूनों का कितना दुरुपयोग होगा, सरकार ने कानून के दुरुपयोग पर पिछले 30 – 40 वर्षों के आँकड़ों की अनदेखी की है और TTT बिल में भी इसे दोहराया है।

उन्होंने कहा कि जब कोई भी पत्नी पति पर झूठे आरोप लगाती है, तो वह पुनर्मिलन की सभी संभावनाओं को समाप्त कर देता है। सभी घरेलू कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है, यह अपराध आवासीय परिसर के अंदर होता है, और यह अपराध का कोई स्वतंत्र सबूत नहीं होता है। इसके लिए दोनों पति-पत्नी जिम्मेदार हैं, लेकिन केवल पति और उसके घरवालों को ही सजा मिलती है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि झूठे मामलों को कैसे रोका जाए, इस पर गहन शोध करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, मनोवैज्ञानिक, समाजशास्त्री के साथ विशेष आयोग का गठन किया जाए। इसी प्रकार, यौन हिंसा अधिनियम ने भी अपना संतुलन खो दिया है। राष्ट्र एक ही बलात्कार के मामले पर क्रोधित हो जाता है और ऐसी स्थिति में सरकार कानून को कड़ा कर देती है। कठोर कानून बनाने के परिणामस्वरूप, आरोपी व्यक्ति के पास खुद के बचाव के लिए जगह नहीं बची है। वरिष्ठ वकील ने यह भी कहा कि बहुत सारे केसेस में महिलाएं बदला लेने के लिए क्रोध में आकर पति और उसके खानदान पर भी मुकदमा दर्ज करा देती है इस बारे में कानून बनाने वालों को भी सोंचना होगा।

अंत में उन्होंने सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन के द्वारा आयोजित पुरुषार्थ महोत्सव के आयोजकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यहा अपनी तरह का अनोखा कार्यक्रम है और इस तरह की बहस को आज के समाज में जरुरत है।

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