विकास के मामले में अधूरा अयोध्या का कोटसराय गांव

बिस्मिल्लाह खान अयोध्या-कोटसराय गांव में पिछले पांच साल में विकास तो हुआ पर अभी भी कुछ कमियां बाकी रह गई हैं।शहर के एन एच 28 राजमार्ग से सटा हुआ कोटसराय गांव में पिछले पांच साल में विकास तो हुआ पर अभी भी कुछ कमियां बाकी रह गई हैं। करीब साढ़े 4 हज़ार की आबादी वाले कोटसराय गांव की मूल भूत समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या आंगनबाड़ी केंद्र और बारात घर का है। बैकवर्ड और स्वर्ण जातियों वाले मिश्रित इस गांव में मौजूदा प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप सिंह इससे पूर्व हुए चुनाव में 49 वोट से पराजित हुए थे जिसके बाद वर्ष 2016 में हुए चुनाव में 200 वोट से जीते और गांव की प्रधानी उनकी पत्नी पुष्पा सिंह ने संभाली।

विकास के मामले में प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने बताया कि अपने कार्यकाल में करीब 35 लाभार्थियों को आवास मुहैय्या कराया जिसमें करीब 22 आवास के लिए शासन से दूसरी किश्त मिल चुकी है। विधायक निधि के साथ साथ विधान परिषद निधि से भी उन्होंने गांव में इंटर लॉकिंग और खड़ंजे का निर्माण कराया है। करीब 400 से 500 मीटर नाली का निर्माण कराते हुए साफ सफाई का बेहतर इंतेज़ाम किया है। वंही गांव के ही कई लोगों ने मौजूदा प्रधान के विकास कार्यों को सराहते हुए बेहतर बताया तो वही गांव के निवासी शत्रुघन यादव आवास न मिलने से नाराज़ भी दिखे। बिना कैमरे के सामने आए हुए लोगों ने बताया कि जो काम होने चाहिए वो काम गांव में हुए हैं। वर्ष 1995 से लेकर 2000 तक गांव की प्रधानी कर चुके पूर्व प्रधान परशुराम यादव ने बताया कि उनके समय में तो साल में बजट के नाम पर कुछ खास नही मिलता था जिस वजह से तब की अपेक्षा अब काम बेहतर हो रहे हैं।

कुलमिलाकर कोटसराय गांव मे विकास के नाम पर दौड़ने वाला पहिया रुक रुक कर चलता दिखाई दिया और ज़्यादा तर लोग खुश भी नज़र आए। वंही गांव का ही युवक विमलेश ने कहा कि उसके गांव में शिक्षा के लिए लोगों को जागरूक होने की ज़रूरत है जिससे गांव के सारे लोग शिक्षित हों और गांव का नाम रोशन करें।

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