सावधानी और जागरूकता से कोरोना को देंगे मात-केशव मौर्य

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि कोरोना को मात देने के लिए सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। विभिन्न स्तरों से सरकार को सहयोग भी मिल रहा है।उन्होंने कहा कि हम सब लोग मिलकर कोरोना को हर हाल में मात देंगे। इस महायुद्ध में हमें पूरा संयम और धैर्य बनाए रखना है। लाकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन करना है।मौर्य ने कहा कि आप जब भी बाहर निकले तो मास्क जरूर लगाएं या गमछे से मुंह ढके रखें। हमारी सावधनी हमारी सुरक्षा है। इस संकट की घड़ी में हम सब लोग प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में कोरोना के विरुद्ध जमकर लड़ाई लड़ रहे हैं, हमारी विजय सुनिश्चित है। हम  करोना संक्रमण के बारे में स्वयं जागरूक हों और अपने आसपास के लोगों को ही जागरूक करें ।मौर्य  ने कहा कि जो “आरोग्य सेतु ऐप ” लांच किया  गया है, उसे जरूर डाउनलोड करें। यह लोगो के लिये बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। यह ऐप  उपयोगकर्ता को  संक्रमित व्यक्ति के निकट आते ही  सतर्क करेगा । इस ऐप के माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण से स्वयं को बचाने में मदद मिलती है, साथ ही कोविड-19 से संबंधित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने 130 करोड़ जनता की महाशक्ति को जगाया है, यह महाशक्ति करोना पर हर हाल  मे विजय हासिल करेगी। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किए गए हैं।डिलीवरी सिस्टम को मजबूत किया गया है। गरीबों के खाते में धनराशि दी गई है। राशन वितरण की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।कालाबाजारी/जमाखोरी के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है।आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से होती रहे, इसके पूरे इंतजाम किए गए हैं।उपमुख्यमंत्री मौर्य ने किसानों की फसल की हार्वेस्टिंग व कटाई में कोई असुविधा न हो तथा उनके आवागमन में कोई असुविधा ना हो इस हेतु सरकार द्वारा व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।किसानों को उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य हासिल हो, इसके लिए भी सरकार द्वारा बहुत ही प्रभावी व्यवस्था की गई है।साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जा रहा है कि किसानों के उत्पाद की बिक्री आदि के समय सोशल डिस्टेंसिग बनी रहे। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में एफपीओ के माध्यम से गांव या खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए।नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के हर संभव प्रयास किए जा रहे है। फलों एवं सब्जियों की डिलीवरी सिस्टमैटिक ढंग से कराई जा रही है।दूध भी पहुंचाया जा रहा है।निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से फूड पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं तथा शासन स्तर पर विभिन्न प्लेटफार्म पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

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