हनुमान मंदिर में पूजा करने वाले मुस्लिम दंपत्ति को घर से निकाला गया

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। मैनपुरी जिले की कस्बा निवासी नौशाद ने पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह को एक शिकायती पत्र दिया है।जिसमें लिखा है कि वह और उसकी पत्नी दो महीने से हनुमान जी की भक्ति कर रहे हैं। वह करहल कस्बे के ही बजरंगबली मोटा मंदिर के पास रहकर मंदिर की साफ सफाई करने के साथ ही हनुमान जी की पूजा अर्चना करते हैं। इसके साथ ही दंपती पुजारी के पैर भी छूते हैं। इसके चलते कुछ मुस्लिम लोग उसके साथ आए दिन मारपीट करते हैं। 17 फरवरी को वह शिकायत करने आया था। इस बात पर भी उसे पीटा गया। अब घर वालों ने भी उन्हें घर से निकाल दिया गया है। युवक ने इस संदर्भ में एसडीएम रतन वर्मा को भी एक शिकायती पत्र दिया है। उसे एक घर की भी दरकार है। ऐसे हुआ हनुमान की भक्ति में लीन नौशाद ने बताया कि कई सालों से वह नशे का आदी हो गया था। डॉक्टर से नीमहकीम को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसी ने मोटा मंदिर जाने की सलाह दी। वह यहां आया तो उसकी नशे की आदत छूट गई। उसके जीवन में परिवर्तन आया, इसलिए उसने पत्नी के साथ हनुमान जी की पूजा अर्चना शुरू कर दी। उसका कहना है कि सबका मालिक एक है, भेदभाव सिर्फ मनुष्य करता है। उसने मौलानाओं और कट्टपंथियों से कहा कि मां के पेट से कैसे आये थे। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ओम प्रकाश सिंह ने दोका सामना से कहा कि युवक को परेशान करने वाले लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश थाना पुलिस को दिए गए हैं।इस संदर्भ में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि यदि कोई मुसलमान दूसरे धर्म की जीवन शैली जीने लगेगा तो उसका इस्लाम स्वतः छूट जायेगा। उसे इस्लाम से निकालने की जरूरत नहीं है वह अपने आप बाहर माना जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि आप मंदिर में झाड़ू लगाते हो तो आपका इस्लाम नहीं छूटता है। इस्लाम मे पैर छूना जायज नहीं बल्कि गुनाह है।अयोध्या के संत महंथ धर्मदास ने कहा कि जो लोग नौशाद को घर से निकालेहैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। हनुमान जी के मंदिर में जाने के बाद उसका शराब छूट गया यह तो बहुत अच्छी बात है। इसमें किसको आपत्ति हो रही है। जबकि मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि यदि कोई मुसलमान दूसरे धर्म की जीवन शैली जीने लगेगा तो उसका इस्लाम स्वतः छूट जायेगा। उसे इस्लाम से निकालने की जरूरत नहीं है वह अपने आप बाहर माना जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि आप मंदिर में झाड़ू लगाते हो तो आपका इस्लाम नहीं छूटता है। इस्लाम मे पैर छूना जायज नहीं बल्कि गुनाह है।

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