किसान गोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिले जरुरी टिप्स

आज दिनांक 1 मार्च 2021 को महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र चौक माफी पीपीगंज गोरखपुर पर हिल इंडिया लिमिटेड पूर्व में हिंदुस्तान इंसेंटिसाइड्स लिमिटेड (भारत सरकार का उद्यम) के द्वारा एक दिवसीय किसान गोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना था। कार्यक्रम का आरम्भ दीप प्रज्वलन के साथ-साथ किया गया जिसमें मंच संचालन करते हुए डॉ राहुल कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत संबोधन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित प्रोफेसर राजेश सिंह, माननीय कुलपति, दीन दयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. यू. पी.सिंह, पूर्व कुलपति एवं उपाध्यक्ष , एमजीकेवीके, डॉ डी के सिंह, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, आज़मगढ़, श्री योगी कमल नाथ जी , सचिव, एमजीकेवीके, श्री शशांक चतुर्वेदी, महाप्रबंधक हिल मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित प्रो. राजेश सिंह ने किसान उत्पादक संगठन के बारे में बताया और उसके गठन के लिए किसानों को जोर दिया, उन्हीने बताया कि किसान उत्पादक कम्पनी का पंजीकरण कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत है जिसके द्वारा किसानों की सभी समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है, बशर्ते आवश्यकता है एक मंच पर आने की। डॉक्टर सिंह ने बताया की इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसान भाइयों को संगठित कर एक मंच प्रदान करना है जिससे कि किसान सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की मूल धारा में आ सके। डॉक्टर सिंह ने देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वक्तव्य का ज़िक्र करते हुए दस हज़ार नए कृषक उत्पादक संगठन को बनाने के पीछे की मंशा तथा सरकार द्वारा इन्हें वित्तीय सहयोग प्रदान करने के बारे में विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा की कृषि विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं जैसे- कस्टम हाइअरिंग केंद्र, फ़ार्म मशीनरी बैंक के साथ साथ बीज एवं खाद वितरण तथा कीटनाशक/ खरपतवारनाशी बिक्री केंद्र के लाइसेंस प्रदान करने में प्राथमिकता दिया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित प्रोफेसर यू पी सिंह ने अपने संबोधन में कहा की महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना पूजनीय महाराज जी द्वारा कृषको की आय-वृद्धि एवं नई-नई तकनीकों को कृषको तक पहुंचाने हेतु किया गया। यह कृषि विज्ञान केंद्र किसको के हितार्थ एवं उसके विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है और ये किसान विकास केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है।

डॉ डी.के. सिंह ने अपने संबोधन में समेकित किट प्रबंधन के बारे में कृषको को नई नई तकनीकी जानकरी दी। श्री शशांक चतुर्वेदी ने किसानों को अपने संबोधन में हिल कंपनी का परिचय देते हुए, कंपनी के सभी उत्पादों में बताया, साथ ही साथ उन्होंने बताया कि कीटनाशकों का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग कैसे किया जाए इस बारे में विस्तार से चर्चा किया। कंपनी के राज्य प्रभारी श्री आनंद कुमार सिंह ने कंपनी के द्वारा विक्रय किए जा रहे उत्पादों के बारे में बताया और कंपनी भविष्य में क्या-क्या योजनाएं ला रही है जिससे किसानों को लाभ हो सकता है इससे अवगत भी कराया कंपनी के गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव ने पूर्वी क्षेत्र में कंपनी के द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया।

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने कृषकों को कीटनाशकों के सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में बताएं विज्ञान वैज्ञानिक डॉ अजीत कुमार श्रीवास्तव अपने अपने व्याख्यान में जावेद सब्जियों की खेती एवं सुरक्षित पेस्टिसाइड का उपयोग के बारे में बताया डॉ राहुल कुमार सिंह ने किसान उत्पादक संगठन के बारे में बताया एवं इसकी गठन की प्रक्रिया के बारे में भी कृषकों को अवगत कराया। मृदा वैज्ञानिक डॉ संदीप उपाध्याय निवेशकों को जैविक कीटनाशक एवं उसके उपयोग के बारे में बताया। शस्य वैज्ञानिक श्री अवनीश कुमार सिंह ने जायद फसलों की खेती एवं खरपतवार प्रबंधन के बारे में बताया। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ विवेक प्रताप सिंह ने अपने व्याख्यान में कृषको को मछली उत्पादन के बारे में बताया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ अजित कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का समापन करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस कार्यक्रम में केंद्र के शुभम पांडेय, जितेंद्र, आशीष सहित 435 कृषको ने प्रतिभाग किया।

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