दिल्ली में एयर होस्टेस की मौत, पति को आखिरी मैसेज कर दी मौत की जानकारी
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तृप्ति रावत/ दिल्ली के हौजखास के पॉस इलाके पंचशील पार्क में एक एयरहोस्टेस की दूसरी मंजिल से संदिग्ध हालत में गिरने से मौत हो गई। 39 साल की अनिसिया बत्रा लुफ्थांसा एयरलाइंस में एयरहोस्टेस थी। अनिसिया बत्रा ने आखिरी बार अपने पति मयंक सिघवी मैसेज भेजा था। जिसमें अनिसिया ने लिखा था कि तुम अब मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे, मैं मरने जा रही हूं। मैसेज के बाद उसने छत पर जाकर छलांग लगा ली। जिसके बाद एयरहोस्टेस के पति मयंक सिंघवी तुरंत अस्पताल ले गए जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक एयर होस्टेस अनिसिया बत्रा ने शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे अपने पति मयंक को मैसेज किया था। मयंक उस समय घर पर थे वो मैसेज मिलते ही भागकर छत पर पहुंचे, लेकिन वो छत पर नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि मृतक महिला की शादी दो साल पहले हुई थी। वह हौजखास में अपने पति के साथ रहती थी। पुलिस ने यह भी बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

अनिसिया के घरवालों के मुताबिक, मयंक से उनकी बेटी की शादी 2 साल पहले बड़े धूमधाम से की थी। लेकिन शादी के बाद जब अनिसिया हनीमून के लिए दुबई गयी तो मयंक ने होटल में ही अनिसिया के साथ मारपीट शुरू कर दी। लड़ाई झगड़े का ये सिलसिला तब से लगातार चल रहा था। क्योंकि मयंक को शराब पीने की लत थी और वो अनिसिया से पैसे भी मांगता था।

इसी साल 27 जून को अनिसिया के घरवालों ने मयंक और उसके परिवार वालों के खिलाफ शिकायत भी दी थी। मौत से पहले अनिसिया ने अपने घरवालों को कई मैसेज कर बताया कि उसका पति उसे तंग कर रहा है। अनिसिया सेना से रिटायर्ड मेजर जरनल आरएस बत्रा की बेटी है। परिवार का आरोप है कि ये मामला हत्या का है।

बताया जा रहा है कि मयंक सिंघवी अनीशिया से पहले भी एक शादी कर चुका था। हालांकि यह बात उसने अनीशिया और उसके परिजनों से छिपाई थी। यह बात मयंक के पड़ोसियों ने भी बताई। मयंक के पड़ोसी ने बताया कि शनिवार को दिन में करीब दो बजे झगड़ा हुआ। उसके ढाई घंटे बाद ही वह छत से कूद गई। अभी यह पता नहीं चल सका है कि वह पहली शादी से खफा थी। इसलिए कदम उठाया या मयंक उसके साथ हमेशा मारपीट व झगड़ा करता था इसलिए परेशान थी।

अनीशिया के भाई करण ने पुलिस वालों पर मदद न करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसके पिता आर्मी से रिटायर्ड मेजर जनरल है। वह चंडीगढ़ में रहते हैं,जबकि वह बेंगलुरु में रहता है। जब वे लोग यहां पर आये तब घर सील नहीं था। उनका कहना है कि मयंक को इस दौरान सबूत मिटाने का काफी वक्त मिला। उसने आराम से कपड़े चेंज किये। फिर गाड़ी लेकर चला गया। उसके साथ कुछ सामान था। उसने घर से काफी सबूत मिटाये हैं।  

News Reporter

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