बीएसए का ट्रांसफर रुकवाने सांसद,मंत्री,विधायक से लेकर पत्रकारों का लिखा सिफारिशी पत्र सोशल मीडिया में वायरल
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गोण्डा। गोंडा के बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय का तबादला मिर्ज़ापुर जनपद के लिए हुआ था जिसको रुकवाने के लिए मंत्री उपेन्द्र तिवारी – 2 सांसद कैसरगंज से बृज भूषण शरण सिंह और गोण्डा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व 6 विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी को बकायदा अपने – अपने लेटर हेड पर सिफारिशी पत्र तक लिख डाला है। तबादला रुकवाने के लिए योगी व विभागीय मंत्री को लिखा गया पत्र अब जब वायरल हुआ तो सभी के लिए गले की फांस बन गया। जिले के नेताओं द्वारा बीएसए का तबादला रुकवाने के लिए सीएम योगी पर बनाया जा रहा दबाव जबकि अब तक दो बार हो चुका है बेसिक शिक्षा अधिकारी तबादला। दोनों बार जिले के भाजपा नेताओं व कुछ पत्रकारों द्वारा बीएसए का तबादला रुकवाया गया है। पत्रकारों में नेटवर्क 18 यूपी-उत्तराखंड के देवमणि त्रिपाठी व हिदुस्तान अखबार के संजय तिवारी ने सिफारिशी पत्र लिखा। बीएसए का ट्रांसफर …. बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय के लिए लिखे गए सभी सिफारिशी पत्र अलग – अलग तारीखों के हैं। मंत्री उपेन्द्र तिवारी व बाहुबली संसद बृज भूषण शरण के साथ ही कुछ पत्रकारों द्वारा भी लिखा सिफारिशी पत्र वायरल हो रहा है …. आपको बता दें कि पहले मिर्ज़ापुर और अब देवरिया जनपद हुआ है बीएसए एस के देव पांडेय का तबादला। अब इस पूरे मामले पर सरकार की तो फजीहत हो रही है लेकिन जब इस बारे में बीएसए एस के देव पाण्डेय से बात करने की कोशिश की गई तो वह जवाबदेही से बचते हुए नज़र आये बीएसए ने यहाँ तक कह दिया कि मेरे नाम से सिफारिशी पत्र किस किस ने लिखा उन्हें मालूम ही नही है, साथ ही इस विषय पर बात करने को कोई सांसद व विधायक ने मुनासिब नही समझा ….. लेकिन अब यह कह पाना बहुत ही मुश्किल की है आखिर वो कौन सा कारण रहा होगा जिसके लिए एक बीएसए के ट्रांसफर को रोकने के लिए मंत्री सहित इसने नेता व कुछ पत्रकार भी सिफारिश करने से नही चूके।

 नेताआें द्वारा बीएसए के तबालते पर बार बार राेक से जिले के शिक्षा विभाग में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। अगर मामले की निष्पक्ष आैर कड़ाई से जांच कराई जाए ताे बड़ी खामियां उजागर हाे सकती हैं।

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प्रकरण जनपद गोण्डा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पाण्डेय के स्थानांतरण से जुडा है। बीएसए पाण्डेय का स्थानांतरण पहले भी किया जा चुका था। परन्तु जनपद के प्रचण्ड शिक्षा माफियाओं की शासन, सत्ता व सचिवालय के गलियारों में पुख्ता पैठ के चलते किसी अधिकारी के न आने और जनपद के कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी सिफारिश के कारण उनका जाना नहीं हो पाया था। परन्तु इस बार हुए स्थानांतरण पर जनप्रतिनिधियों के सिफारिशी पत्र का हवाला देते हुए जनपद के तीन तीन पत्रकारों द्वारा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह को लिखे गए पत्र ने पत्रकारिता जी स्तर तक शर्मसार कर दिया उसने पूरी मीडिया को ही जनता की लोकतांत्रिक पैमाने पर नँगा कर दिया। 

बीएसए

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शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह को लिखे गये इस पत्रकारिये सिफारिशी पत्र में दैनिक हिन्दुस्तान के पत्रकार संजय तिवारी, न्यूज 18 न्यूज़ चैनल के स्ट्रिंगर देवमणि त्रिपाठी व अमर उजाला के पत्रकार उमानाथ तिवारी के हस्ताक्षर हैं। हलाँकि जब इस विषय पर पत्रकारों का कहना है कि हमने सिफारिश नहीं की बल्कि मंत्री को जनभावनाओं से अवगत कराया गया है।

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ये बात गौर करने वाली है कि मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं को नसीहत दी थी कि ट्रांसफर और पोस्टिंग में नेताओं का कोई हस्तक्षेप नही होना चाहिए । गोंडा के बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय का तबादला मिर्ज़ापुर जनपद के लिए हुआ था जिसको रुकवाने के लिए मंत्री उपेन्द्र तिवारी – 2 सांसद कैसरगंज से बृज भूषण शरण सिंह और गोण्डा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व 6 विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी को बकायदा अपने – अपने लेटर हेड पर सिफारिशी पत्र तक लिख डाला है।

यही नही कुछ पत्रकारों ने भी तबादला रुकवाने के लिए योगी व विभागीय मंत्री को पत्र लिखा गया। अब ये बीएसए की समझ कहें जहाँ मंत्री और सांसद के सिफारिशी पत्र उसके पास थे तो उसको इन पत्रकारों के लेटर की जरुरत क्या पड़ी। क्या उसे ये लगा कि इन पत्रकारों की वो मंत्री सुनेगा जिस पर सांसद और प्रभारी मंत्री सांसद और विधायकों के लेटर का कोई फर्क नही पडा।

 

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