आजीविका मिशन से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बडा सामाजिक आर्थिक परिवर्तन- जिलाधिकारी
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चमोली (संतोषसिंह नेगी) उत्तराखण्ड पर्वतीय आजीविका संवर्धन कम्पनी (उपासक) ने ग्राम्य विकास विभाग के तत्वाधान में शुक्रवार को आजीविका संघ सहकारिता एवं समूह सदस्यों के साथ जिला पंचायत सभागार में जोखिम प्रबन्धन पर एक दिवसीय कार्यशाल आयोजित की, जिसमें समूह सदस्यों को फसल बीमा, पशु बीमा, स्वास्थ्य बीमा तथा अटल आयुष्मान योजना के बारे में जानकारी दी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने दीप प्रज्जवलित करते हुए कार्यशाला का शुभांरभ किया। इस दौरान फसलों एवं पशुओं का बीमा सुनिश्चित करने के लिए संकल्प भी लिया गया।

जिलाधिकारी ने समूह सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आजीविका मिशन से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बडा सामाजिक आर्थिक परिवर्तन आ रहा है। कहा कि जिस समूह की महिलाएं थोडी सी भी जागरूक है और अच्छा कार्य कर रही है उनको निश्चित रूप से फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि चमोली जिले में पारम्परिक खेती के साथ जडी बूटी व तुलसी उत्पादन, सब्जी उत्पादन, चैलाई का प्रसाद, मंडुवे के बिस्कुट, धूप-अगरबत्ती बनाने के क्षेत्र में भरपूर सम्भावनाएं है। इसके अलावा होम-स्टे संचालन से भी महिलाए अच्छी आजीविका कमा सकती है। उन्होंने महिला समूहों को पीएम फसल बीमा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही।
मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने महिला समूहों को फसल बीमा के बारे में जानकारी देते हुए सभी कृषकों को फसल बीमा अवश्य कराने के लिए प्रेरित किया। कहा कि किसान के छोटे से प्रीमियम अंश देने से उसकी फसल को विभिन्न कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकती है। उन्होंने सभी बैंकों को किसानों की फसलों का बीमा करने तथा नुकसान होने पर समय से किसानों को बीमा का लाभ देने की बात कही।
आजीविका संर्वधन कम्पनी के ग्रामीण वित्त समन्वयक संजय पुरोहित ने आजीविका संघ के सदस्यों को पीएम जीवन सुरक्षा, पीएम जीवन ज्याति, अटल पेंशन योजना, पीएम फसल बीमा, सुकन्या समृद्वि आदि योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बीमा का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि धान की फसल में किसान 17.47 पैसे एवं मडुवे की फसल के लिए 9.40 पैसे प्रति नाली के हिसाब से प्रीमियम देकर बीमा करा सकते है। जिससे अतिवृष्टि, बाढ, सूखा, बेमौसमी बारशि, ओलावृष्टि से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकती है।
इस अवसर पर मुख्य उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव, अपर कृषि अधिकारी जीतेन्द्र भाष्कर, लीड बैंक अधिकारी एलएम खनेडा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों सहित नंदाकिनी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा बीरा देवी फस्र्वाण, माॅ अनसूया स्वायत सहाकारिता की की अध्यक्षा मंजू देवी, आईएलएसपी के ब्लाक समन्वयक अवतार रौतेला तथा भारी संख्या में आजीविका संघ से जुड़ी महिला सदस्य मौजूद थी।

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