2024-25 तक मत्स्य उत्पादन में उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

“प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत उ0प्र0 में प्रौद्योगिकी आधारित मत्स्य विकास” विषय पर आज यहां मत्स्य निदेशालय के परिसर में स्थित मत्स्य चेतना केन्द्र में राजीव रंजन, सचिव, भारत सरकार, पशुधन, मत्स्य एवं डेयरी विभाग, कृषि मंत्रालय, नई दिल्ली की अध्यक्षता में आयोजित वेबिनार में भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव, मत्स्य, उ0प्र0 शासन, डा0 पी0 पाल पाण्डियन, मत्स्य विकास आयुक्त, भारत सरकार, एस0एम0ए0 रिजवी, विशेष सचिव, मत्स्य, उ0प्र0 शासन, एस0के0 सिंह, निदेशक मत्स्य, उ0प्र0 तथा बलवीर सिंह लूथरा, एस0एल0बी0सी0, उ0प्र0 के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

वेबिनार के उद्घाटन सत्र में राजीव रंजन ,सचिव, भारत सरकार ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की परिकल्पना को साकार करने में उत्तर प्रदेश आगे बढ़कर अपनी महत्वपूर्ण एवं सार्थक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में मत्स्य उत्पादन की अपार सम्भावनाओं के दृष्टिगत आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा 05 वर्षो के लिए रू0 20,050.00 करोड़ की परियोजना लागत के प्रस्तावों की मंजूरी प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम वित्तीय वर्ष 2020-21 में 24 परियोजनाओं हेतु कुल रू0 212.00 करोड़ की परियोजना प्रस्तावों तथा रू0 63.00 करोड़ की केन्द्रीय सहायता अनुमोदित करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू0 31.50 करोड़ की केन्द्रीय सहायता अवमुक्त की गई है।

राजीव रंजन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पी0एम0एम0एस0वाई0 योजना के अन्तर्गत प्रत्येक क्षेत्र में मात्स्यिकी के व्यवसाय एवं गुणवत्ता युक्त विकास हेतु 100 से अधिक परियोजनाएं संचालित हैं। उन्होंने योजनाओं का संचालन क्लस्टर बेस किये जाने, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज की वर्षपर्यन्त उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु हैचरियों, बू्रड बैंक तथा मत्स्य पूरक आहार हेतु फीड मिलों की स्थापना कराने, रंगीन सजावटी मछलियों के उत्पादन तथा जलाशयों में मत्स्य उत्पादकता की वृद्धि हेतु परियोजनाएं संचालित किये जाने पर भी बल दिया। रंजन ने कहा कि उद्यमियों को एफ0ए0आई0डी0एफ0 के माध्यम से मात्स्यिकी के क्षेत्र में जुड़ने हेतु प्रोत्साहित किया जाये जिससे पी0एम0एम0एस0वाई0 योजना के माध्यम से अधिक से अधिक लोग जुड़कर देश एवं प्रदेश में स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, मत्स्य, उ0प्र0 भुवनेश कुमार ने कहा कि पी0एम0एम0एस0वाई0 योजना के माध्यम से प्रौद्योगिकी आधारित मत्स्य विकास अपनाते हुए प्रदेश का मत्स्य उत्पादन का स्तर 7.0 लाख मीट्रिक टन से 12.0 लाख मीट्रिक टन वर्ष 2024-25 तक बढ़ाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा। वर्ष 2020-21 में इस योजना के अन्तर्गत 25 विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं में मत्स्य पालकों/व्यवसायियों द्वारा रू0 406.00 करोड़ की परियोजना लागत के आनलाइन प्रस्ताव मत्स्य विभाग को प्राप्त हुये जिसमें केन्द्रीय सहायता के रूप में रू0 124.27 करोड़ के सापेक्ष केन्द्रीय सहायता के रूप में रू0 63.00 करोड़ का प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त करते हुए प्रथम किश्त के रूप में भारत सरकार से रू0 31.50 करोड़ की प्राप्त केन्द्रीय सहायता के सापेक्ष रू0 21.76 करोड बजट धनराशि पुनर्विनियोग के माध्यम से वित्तीय स्वीकृतियां जारी होने की प्रक्रिया में है।


भुवनेश कुमार ने कहा कि योजना के अन्तर्गत रू0 21.76 करोड़ की अनुदान धनराशि के सापेक्ष लाभार्थियों द्वारा कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित समयावधि में आनलाईन आवेदन पत्रों के माध्यम से लाभार्थियों द्वारा कुल रू0 713.00 करोड़  की परियोजना लागत के कुल 5,357 प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हो चुके है जिनकी जनपद स्तरीय डी0एल0सी0 बैठकें सम्पन्न करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालकों एवं मत्स्य उद्यमियों के अतिरिक्त वर्तमान में आमजन द्वारा भी मत्स्य व्यवसाय/पालन में अत्यधिक रूचि ली जा रही है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

एस0के0 सिंह, निदेशक मत्स्य, उ0प्र0 द्वारा प्रदेश में नीली क्रान्ति योजना के अन्तर्गत आर0ए0एस0, हैचरी निर्माण, फिश फीड मिल की स्थापना एवं जनपद मथुरा में बे्रकिश वाटर फिश एवं प्राॅन कल्चर में कराये गये कार्यो का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। वेबिनार में  40 आर0ए0एस0, 09 हैचरी, 41 फिश फीड मिल एवं 04 सोलर पावर सपोर्ट सिस्टम के लाभार्थीपरक परियोजनाओं को डा0 पी0पाल पाण्डियन, मत्स्य विकास आयुक्त, भारत सरकार तथा एस0एम0ए0 रिजवी, विशेष सचिव, मत्स्य, उ0प्र0 शासन द्वारा फ्लैगआफ किया गया।

भारत सरकार के संयुक्त सचिव, मत्स्य डा0 सागर मेहरा द्वारा वेबिनार में अन्र्तस्थलीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में हो रहे कार्याे की सराहना की गयी तथा आश्वस्त किया गया कि गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज हेतु मिशन फिंगरलिंग हेतु हैचरियों की स्थापना, फिश सीड रियरिंग यूनिट की स्थापना का कार्य कराया जा रहा है। कृषि की भांति मत्स्य पालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किसान के्रडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है मछलियों की बीमारी के निदान के सम्बन्ध में एन0बी0एफ0जी0आर0 लखनऊ में सर्विलांस एवं डाइग्नोसिस की सुविधा उपलब्ध है। केंद्रीय मीठाजल जीवपालन, अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर के निदेशक, डा0 सरोज स्वेन द्वारा आरनामेण्टल फिश तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 बिन्दु आर पिल्लई द्वारा फ्रेश वाटर प्रान का मछली के साथ पाॅलीकल्चर का प्रस्तुतिकरण किया गया।

कार्यक्रम में लखनऊ मण्डल के मछुआ आवास एवं किसान के्रडिट कार्ड के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप में आवास की चाभी एवं कार्ड वितरित किये गये साथ ही मोटरसाइकिल विद आइसबाक्स के लाभार्थियों का फ्लैगआफ किया गया। वेबिनार में संजय कुमार शुक्ला, उप निदेशक मत्स्य, नियोजन, राजेन्द्र सिंह, मुख्य महाप्रबन्धक, उ0प्र0 मत्स्य विकास निगम लि0, मोनिशा सिंह, उप निदेशक मत्स्य, लखनऊ मण्डल, लखनऊ और डा0 हरेन्द्र प्रसाद, उप निदेशक मत्स्य, मुख्यालय एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रदेश के मत्स्य विभाग के सभी मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी वेबिनार से मत्स्य पालकों सहित जुड़े रहें। अंजना वर्मा, प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 मत्स्य जीवी सहकारी संघ लि0, द्वारा वेबिनार में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए वेबिनार सम्पन्न हुआ।  

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