रेरा ने तुल्सियानी कन्सट्रक्शन से अर्थदंड वसूल करने का आदेश किया जारी

उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा एक शिकायत के प्रकरण में उसके आदेशों की लगातार अवहेलना करने पर मेसर्स तुल्सियानी कन्सट्रक्शन एण्ड डेवलपर्स प्रा.लि. पर लगभग 17,87,660 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जिलाधिकारी लखनऊ को इस सम्बंध में वसूली प्रमाण पत्र भेजकर, मेसर्स तुल्सियानी कन्सट्रक्शन एण्ड डेवलपर्स प्रा.लि. से यह धनराशि भू-राजस्व बकाए की भांति वसूल करके सम्पूर्ण धनराशि उ.प्र. रेरा के नाम बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से रेरा में उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी है।


प्रश्नगत प्रकरण में मोहनलाल मेहरोत्रा द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 31 के अंतर्गत,उ.प्र. रेरा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उ.प्र. रेरा द्वारा 06 जनवरी 2021 को मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया गया था कि प्रोमोटर 28 फरवरी 2021 तक शिकायतकर्ता से नियमानुसार विधिक शुल्क प्राप्त करके कब्जा प्रदान करंे तथा विलम्ब अवधि के लिए दिनांक 01 फरवरी 2018 से वास्तविक कब्जा देने की तिथि तक डब्स्त़्1 प्रतिशत ब्याज दर से शिकायतकर्ता की बकाया धनराशि में कब्जा प्राप्ति के समय समायोजित किया जाए और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है तो यह शिकायतकर्ता को वापस भी की जाए। आदेश में यह भी उल्लिखित था कि फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25 मार्च, 2020 से 25 सितम्बर, 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु कोई ब्याज नहीं लगेगा।


प्रोमोटर द्वारा आदेश का अनुपालन न करने पर शिकायतकर्ता द्वारा आदेश के कार्यान्वयन के लिए आवेदन किया गया। इसके पश्चात 30 मार्च 2021 को प्रोमोटर को उ.प्र. रेरा द्वारा नोटिस भेजकर पूर्व में किए गए आदेशों का अनुपालन करते हुए इसकी अनुपालन आख्या 15 दिनों में उपलब्ध कराने को कहा गया।


प्रकरण में प्राधिकरण की पीठ-1 द्वारा सुनवाई करते हुए 05 जनवरी 2022 को आदेश पारित किया गया कि प्रकरण में अर्थदंड आरोपित करने हेतु इसे प्राधिकरण के समक्ष रखा जाए। प्राधिकरण द्वारा दिनांक 21 फरवरी, 2022 को प्रोमोटर पर उ.प्र. रेरा के आदेशों के उल्लंघन के लिए 14,43,575 रुपए का अर्थदंड आरोपित किया गया। प्रोमोटर को 17 मई, 2022 को यह नोटिस भेजी गई कि उपरोक्त आदेश की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें, किन्तु प्रोमोटर द्वारा अर्थदंड की धनराशि उ.प्र. रेरा में जमा नहीं कराई गई। अतः प्रोमोटर पर पूर्व में लगाए गए अर्थदंड की धनराशि में आगे की डिफाल्ट अवधि को भी जोड़कर कुल रूपया 17,87,660.00 का वसूली प्रमाण पत्र जारी किया गया है।ज्ञातव्य है कि अर्थदण्ड की धनराशि राज्य सरकार के खाते में जमा की जाएगी।

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