12वीं पास सभी बालिकाओं से नन्दा गौरा योजना के तहत आवेदन भराने के निर्देश
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संतोष सिंह नेगी/चमोली/ जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मंगलवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में आईसीडीएस के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए सुपरवाइजरों से आंगनबाडी केन्द्रों पर उपलब्ध सुविधाओं व संशाधनों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आंगनबाडी भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें 16 जुलाई तक विभाग को हस्तगत करना सुनिश्चित करें। वर्ष 2016-17 से कुछ आंगनबाडी भवन निर्माण के लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान थराली, नारायणबगड, गैरसैंण व पोखरी ब्लाक के खण्ड विकास अधिकारी के बैठक में उपस्थित न रहने पर जिलाधिकारी ने अग्रिम आदेशों तक उनका एक दिन का वेतन रोकने के आदेश भी जारी किए।

जिलाधिकारी ने सीडीपीओ को खण्ड विकास अधिकारियों से समन्वय बनाकर आंगनबाडी भवनों का अवशेष निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराते हुए भवनों के हस्तातंरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। वही आरडब्लूडी को आंगनबाडी केन्द्रों की मरम्मत, टायल्स विछाने, सफेदी व वाॅल पेंन्टिग के लिए माॅडल आंगणन उपलब्ध कराने को कहा। ताकि प्रस्तावित कार्यो के लिए धनराशि अवमुक्त की जा सके।
 आंगनबाडी सुपरवाइजरांें को बचपन प्रोजेक्ट के तहत जिले में चयनित माॅडल आंगनबाडी केन्द्रों में उपलब्ध कराए गए संशाधनों एवं बिजली, पानी, शौचायल जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बचपन प्रोजेक्ट के तहत चयनित सभी माॅडल आंगनबाडी केन्द्रों में नौनिहालों के स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए सभी संशासन दिए जा चुके है, कहा कि यदि किसी माॅडल आंगनबाडी में कोई सामग्री उपलब्ध न हुई हो तो इसकी जानकारी दे। जिलाधिकारी ने सुपरवाइजरों को माॅडल आंगनबाडी केन्द्र में पेयजल व शौचालय की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन आंगनबाडी केन्द्रों में बिजली उपलब्ध नही है वहाॅ पर उरेडा से मिनि सोलर सिस्सटम की व्यवस्था की जाएगी।
प्राथमिक विद्यालय किमोठा, मेलखेत व भैंसवाडा में संचालित आंगनबाडी को स्कूल परिसर से हटाए जाने की समस्या पर जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाडी संचालित हो रही है वहाॅ से बिल्कुल भी नही हटाई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने सुपरवाइजरों को प्राथमिक विद्यालयों में ही स्थान उपलब्ध होने पर नए आंगनबाडी भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में 103 आंगनबाडी केन्द्रों को इस वर्ष माॅडल आंगनबाडी केन्द्र बनाया जाएगा। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों से अपने क्षेत्र से कम से कम 20 आंगनबाडी केन्द्रों के प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विदित हो कि जिले में बचपन प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत 10, दूसरे चरण में 15 तथा सांसद निधि के तहत 22 सहित कुल 47 आंगनबाडी केन्द्र माॅडल आंगनबाडी केन्द्र बनाए गए है। पहले व दूसरे चरण में गोपेश्वर गांव, नंदप्रयाग, पूर्णा, कुराड़, नलगांव, जाख, जोरासी, सारेग्वाड, पाखी, बादुक आदि आंगनबाडी केन्द्र में प्रोजेक्टर, आॅडियों/वीडियो किट, फर्नीचर, कलर मैट, कलर बुक, गुढढा-गुढढी बोर्ड, खेलकूद तथा लम्बाई और वजन मापन, वाटर फिल्टर सहित नौनिहालों की सुविधा के लिए सभी संशाधन उपलब्ध कराए गए। वही सांसद निधि से 22 आंगनबाडी केन्द्रों में आवश्यक संशाधन उपलब्ध कर कुल 47 केन्द्रों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाए गए है।
जिलाधिकारी ने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि किसी भी आंगनबाडी केन्द्र में कोई भी नौनिहाल किसी भी गम्भीर बीमारी से ग्रसित है तो इसकी जानकारी तत्काल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य टीम (आरबीएसके) को देना सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाडी केन्द्रों में टीएचआर वितरण, कुक्ड फूड व कुपोषण की भी नियमित माॅनिटरिंग करने को कहा। शिक्षा विभाग को 12वीं पास सभी बालिकाओं से नन्दा गौरा योजना के तहत आवेदन भराने के निर्देश दिए। सीडीपीओ को जिला स्तरीय अधिकारियों से भी आंगनबाडी केन्द्रों की प्रतिमाह माॅनिटरिंग कराने को कहा।
इस अवसर पर एसीएमओ डा. दिनेश चैहान, जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भण्डारी, सीडीपीओ सोएब हुसैन, आरईएस के अधिशासी अभियंता, खण्ड विकास अधिकारी, आंगनबाडी सुपरवाइजर आदि उपस्थित थे।

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