इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, 27 जुलाई को इन हिस्सो में देगा दिखाई
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तृप्ति रावत/ इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 27 जुलाई को दिखाई देगा। 27 जुलाई को रात 11 बजकर 54 मिनट से शुरु होकर चंद्रग्रहण सुबह के 3 बजकर 49 मिनट पर खत्म होगा। ये ग्रहण करीब 3 घंटे 55 मिनट तक रहेगा। इसी दिन गुरु पुर्णिमा भी है। ग्रहण शुरु होने से पहले मंदिरों में गुरु पुर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा जहां पर आरती और पूजा की जाएगी।

इससे पहले इस साल का पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी को लगा था जिसका समय 3 घंटे 24 मिनट था। लेकिन 27 व 28 जुलाई को लगने वाला चंद्रग्रहण इस साल का सबसे लम्बा चंद्रग्रहण माना जा रहा है। जो कि देश के सभी हिस्सों में अच्छी तरह से दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना में चंद्रमा का रंग लाल होगा जिसे वैज्ञानिकों ने ‘ब्लड मून’ कहा है। इस खलोलीय घटना का नजारा बेहद दिलचस्प होगा। ग्रहण लगभग पूरी रात दिखाई देगा। इसके अलावा 13 जुलाई और 11 अगस्त को सूर्यग्रहण भी है। हालांकि दोनों सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे।

बता दें कि चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी के आ जाने को ही चंद्रग्रहण कहते है। चंद्रग्रहण तब होता है जब सूर्य व चंद्रमा के बीच पृथ्वी इस प्रकार से आ जाती है कि पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का पूरा या आंशिक भाग ढक जाता है। ऐसी स्थिति में पृथ्वी सूर्य की किरणों के चंद्रमा तक पहुंचने में अवरोध लगा देती है। तब पृथ्वी के उस हिस्से में चंद्रग्रहण नजर आता है।

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार इस ग्रहण का कुछ विशेष राशियों पर असर पड़ेगा। सिंह, वृश्चिक, मेष, और मीन राशि पर इस ग्रहण का शुभ असर पड़ेगा। जबकि मकर, मिथुन, कन्या और धनु राशि पर अशुभ असर देखने को मिल सकता है। वहीं कुंभ, तुला, कर्क और वृष राशि पर इस ग्रहण का मिला जुला असर पड़ने वाला है। चंद्रग्रहण के समय चांद चमकीला और बड़ा नजर आएगा। भारत के अलावा यह चंद्रग्रहण म्यांमार, भूटान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान चीन, नेपाल, अंटाकर्टिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वी भाग में दिखाई देगा।

इसके साथ ही ज्योतिषाचार्यो ने बताया कि जिनकी कुंडली में चंद्रग्रहण का दोष हो उनको अपने जीवनकाल में पड़ने वाले हर पूर्ण सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा का दान करना चाहिए। इसमें काले तिल, सफेद तिल, काली उड़द एवं गेहूं शामिल है। किसी एक ग्रहण पर तुला दान अवश्य करें।

वैज्ञानिको का कहना है कि चंद्र ग्रहण देखने के लिए कोई खास इंस्ट्रूमेंट की जरूरत नहीं है। किसी को भी ग्रहण देखने के लिए टेलीस्कोप की जरुरत नहीं है हालांकि अच्छी गुणवत्ता वाली दूरबीन से अच्छी तरह चंद्रग्रहण को देख सकते हैं।

 

  

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