महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को दिए खेती के गुर

महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी, पीपीगंज, गोरखपुर के मृदा वैज्ञानिक डॉ संदीप प्रकाश उपाध्याय के द्वारा नेशनल मिशन ऑन एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी (NMAET) की स्कीम सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (ATMA) के अंतर्गत ग्राम चकदह मोहम्मद, ब्लॉक भटहट में फार्म स्कूल में प्रतिभाग किया एवं कृषक बंधुओं को मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम, मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन एवं कीट एवं रोग प्रबंधन के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठन ( FPO) के बारे में विस्तार से बताया । डॉ उपाध्याय ने बताया कि पर्यावरण परिवर्तन के कृषि में दुष्प्रभावों के बारे में बताया कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने से धान में झुलसा रोग, भीत झुलसा रोग अधिक लगता है तथा तापमान में नमी बढ़ने से रोगों कीटो का प्रकोप बढ़ता है तथा नए प्रकार के रोग व कीट उत्पन्न होते हैं जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं साथ ही जीवाणु रोग, फफूद जनित रोग, विषाणु जनित रोग, फसलों पर अधिक लगते हैं l जैविक विधि से खेती करने पर जलवायु परिवर्तन के खेती पर प्रभाव को कम किया जा सकता है l इसके लिए जैविक खादों, जैविक कीटनाशक, जैविक रोगनाशी आदि का प्रयोग अपनी खेती में करना होगा l साथ ही अनुरोध किया कि अपने पड़ोस में पौधे अवश्य लगाएं तथा उनका ख्याल भी रखें l इस अवसर पर प्रत्येक ग्राम से 50 से अधिक कृषक बंधु उपस्थित रहे एवं 25 लोगों को किसान बंधुओं को समेकित कीट प्रबंधन से संबंधित की किट वितरित की गई ।

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