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इंटरनेशनल सेंटर फॉर एग्रोलॉजी कार्यक्रम से जुड़ें 100 से अधिक देश

दयालबाग राधास्वामी सत्संग ने कृषि, बड़े पैमाने पर वनों की कटाई, पानी की कमी,पर्यावरण असंतुलन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वव्यापी मुहिम शुरू की है। इस मुहिम का नाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर एग्रोकोलॉजी (आईसीए) दिया गया है। इस अभियान में राधा स्वामी संप्रदाय के सौ से अधिक देशों में रहने वाले अनुयायियों और विभिन्न संस्थाओं के लोगों ने हिस्सा लिया। दक्षिणी दिल्ली के स्वामी नगर में राधा स्वामी सत्संग से जुड़े सैकड़ों लोगों ने न केवल लाइव प्रसारण देखा बल्कि कई विशेषज्ञों ने इस विषय पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए। दयालबाग राधास्वामी सत्संग एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका की ओर से न्यू जर्सी, यूएसए में करीब 23 एकड़ भूमि पर एग्रोकोलॉजी का अंतरराष्ट्रीय केंद्र स्थापित हो चुका है।

राधा स्वामी सत्संग एसोसिएशन दिल्ली इकाई की अध्यक्ष दयाल रे ने बताया कि एग्रोकोलॉजी का मतलब रासायनिक खेती का त्याग कर परंपरागत तरीके से कृषि उत्पाद तैयार किए जाएं। जिसे साधारण भाषा में जैविक खेती करना भी कहा जा सकता है। जबकि संस्था के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में संस्था ने गहन शोध किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि एग्रोकोलोजी को अपना कर ही स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसी बहुत सी समस्याओं से निपटा जा सकता है।खेती में केमिकल व कीटनाशक के इस्तेमाल के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

एम्स के रेडियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि हम जिस तरह के माहौल में रह रहे हैं और जैसा खानपान है, आने वाले दिनों में गंभीर बीमारी की चपेट आ सकते हैं। ऐसे में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना होगा।

कार्यक्रम में दयालबाग व डीईआई के लोग शामिल रहे। दयालबाग कॉलोनी व डीईआई के सभी भवनों और सत्संग से जुड़े 500 केंद्रों पर सजावट की गई।

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