जिलाधिकारी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे खनन माफिया, धड़ल्ले से जारी अवैध खनन
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नैमिष शुक्ल/सीतापुर। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशो के बावजूद खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि शासन प्रशासन के नियमो को ताख पर रखकर खनन माफियाओं द्वारा अवैध रूप से मानक विहीन खनन का काला कारोबार बड़े पैमाने पर एक सप्ताह से फल फूल रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यो है ?

आप को बताते चले उत्तर प्रदेश जनपद सीतापुर में थानगांव थाना अंतर्गत चहलारी घाट पर खनन माफियाओं द्वारा अवैध रूप से मानक विहीन खनन का काला कारोबार बड़े पैमाने पर एक सप्ताह से फल फूल रहा है जहां पर पोलैण्ड मसीन व जेसीबी लगाकर धरती की कोख चीड़ कर काले रेत के काले कारोबार बड़े पैमानेपर संचालित है लेकिन इस पर अंकुश लगाने में क्यो अक्षम दिख रहे है जिले के आलाधिकारी, जबकि जिले के उपजिलाधिकारियोंं एवम पुलिस क्षेत्राधिकारियों व थानाध्यक्षो की सयुक्त बैठक में जिला अधिकारी ने सख्त निर्देशित किया था कि जिले में कही भी किसी हाल में अवैध खनन नही होने दिया जायेगा लेकिन इसके बावजूद खनन माफियो के हौसले इतने बुलंद हैं कि प्रशासन को ठेंगा दिखाने से बाज नही आ रहे है जबकि थानगांव के थाना क्षेत्र में चहलारी घाट पर चल रहे बड़े पैमाने पर चल रहा अवैध खनन इसका जीता जागता उदाहरण है जिले का अवैध खनन एनजीटी के नियमों को ताख पर रखकर एक पोकलैंड मशीन व जेसीबी चलाना तो आम बात है इसके बावजूद जिम्मेदार पर्यावरण को बचाने को लेकर आज भी सजग नहीं दिखायी दे रहे हैं पोकलैंड से नदियों की कोख को चीरा जा रहा है थानगांव के थाना क्षेत्र के अंतर्गत चहलारी घाट से लेकर गोलोक कोडर के छाती पर खुले आम पोकलैंड मशीन फर्राटे भरती देखी जा रही है जिसमे निर्धारित सीमा से अधिक गहराई तक बालू का खनन किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है ग्रामीणों का कहना है कि मशीन से बहुत गहरे – गहरे गड्ढे किए जा रहे हैं जिससे खेतों में भारी नुकसान हो रहा है जिससे कभी भी भूस्खलन से बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं ।

सूत्रों की माने तो क्या है उक्त प्रकरण की सच्चाई ;-

सच्चाई यह है कि गोलोक कोडर से चहलारी घाट पुल तक के पास किसानों के खेत मे नदी की बाढ़ द्वारा बहाव में आई बालू को उठाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा तीन माह की निविदा दी गई जिसमे पर्यावरण नियमो द्वारा मजदूरों से बालू उठाने की प्रदान स्वीकृत प्रदान की गयीं जबकि काले रेत के काले कारोबारी (खनन माफिया ) द्वारा एक पोलैण्ड मसीन और जेसीबी मसिनो को लगाना और मानक से अधिक खुदाई करना अपराध की श्रेणी में आता है जिसमे अत्यधिक खुदाई से पर्यावरण ही नही नदी तक को नुकसान है आम जनता को भारी दर्घटना का सामना करना किसी भी समय करना पड़ सकता है लेकिन प्रशासन आँख बंद क्यो करके बैठा है यह एक बहुत बड़ा सवालिया निशान बनता है ?

क्या कहते है जिम्मेदार ;-

जब इस प्रकरण पर जिम्मेदार सीतापुर पुलिस अधीक्षक एल आर कुमार से बात की गई तो बताया प्रकरण नोट करवा दो कार्यवाही की जाएगी

जबकि उपजिलाधिकारी विसवां किंसुक श्रीवास्तव का कहना है कि खनन अधिकारी से जाँच करवाकर कार्यवाही की जाएगी ।

खनन अधिकारी आर पी सिंह का कहना है कि जाँच करके साम तक देखा जाएगा ।

इस प्रकरण से साफ जाहिर होता है कि उक्त प्रकरण की जानकारी सबको है केवल जाँच कर कार्यवाही करके इतिश्री कर ली लेकिन खनन माफिया गोलोक कोडर से चहलारी घाट तक में तबाही मचा रखा है ।

News Reporter

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