पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों के साथ चल रहा है गंदा खेल | सिहर जाएंगे आप!

पाकिस्तान में बंटवारे के वक्त हिंदूओं की संख्या 23 प्रतिशत थी। अब वर्तमान में यहाँ हिंदू सिमट कर सिर्फ 3 प्रतिशत ही रह गए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यहाँ होने वाले जबरन धर्म परिवर्तन के मामले हैं।

2015 में साउथ एशियन पार्टनरशिप – पकिस्तान और औरत फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में हर साल करीब 1000 से ज्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन होता हैं।

मतलब एक एवरेज निकला जाए तो यहाँ हर महीने करीब 100 के आसपास हिंदू लड़कियां मुस्लिम में कन्वर्ट कर दी जाती हैं। 99 प्रतिशत मामलों में ये सभी धर्म परिवर्तन के मामले जबरन होते हैं।

वैसे तो हिंदू लड़की के जबरन धर्म परिवर्तन के कई मामले होते हैं लेकिन इनमे से कुछ ख़ासतौर पर मीडिया की नजरों में आए और विवादित भी रहे। इसमें पहला मामला रिंकल कुमारी का हैं।

घोटकी जिले के मीरपुर मठेलो में रहने वाली रिंकल को कुछ सालो पहले मुस्लिम मकान मालिक के बेटे ने किडनेप कर लिया था। फिर इसी साल 20 मार्च को होली के त्यौहार के दिन दो बहने रीना मेघवार और रवीना मेघवार अपने घोटकी जिले के दहर्की गाँव स्थित घर से अचानक गायब हो गई थी।

बाद में पता चला कि इन दोनों बहनों का धर्म परिवर्तन कर के मुस्लिम युवकों से शादी रचा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यको के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए।

अब कुछ दिनों पहले ही 19 वर्षीय सिख लड़की के जबरन धर्म परिवर्तन और शादी का मामला भी सामने आया हैं। यह लड़की गुरुद्वारा तंबू साहिब के ग्रंथी (पुजारी) भगवान सिंह की बेटी हैं।

इतना ही नहीं इस घटना के कुछ ही दिन बाद सिंह प्रान्त की रहने वाली बीबीए स्टूडेंट कॉलेज की एक हिंदू छात्रा का भी अपहरण हो गया। इसका आरोप उसी के दो मुस्लिम क्लासमेट्स पर हैं। किडनेप हुई इस लड़की की पहचान रोहरी शहर की रेनो कुमारी (पिता इंदरजीत कुमार) के रूप में हुई हैं।

पाकिस्तान में ज्यादातर धर्म परिवर्तन के मामले थार क्षेत्र में होते हैं। खासकर कि उमरकोट, थारपारकर, मीरपुर ख़ास, संघर, घोटकी और जेकोबाबाद जिलो में धर्म परिवर्तन के केस सबसे अधिक देखने को मिलते हैं।

यहाँ उन लड़कियों को ज्यादा टारगेट किया जाता हैं जो गरीब होती हैं या निम्न जाति की होती हैं। ज्यादातर मामलों में इन लड़कियों को पहले किडनेप किया जाता है और फिर जबरन इस्लाम कबूल करवा के किसी मुस्लिम युवक से शादी करवा दी जाती हैं।

कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जिसमे एक पैसे वाला मुस्लिम शख्स गरीब अल्पसंख्यक लड़की जैसे हिंदू को लालच या बहला फुसला कर शादी के लिए राजी कर लेता हैं लेकिन बाद में उसके साथ बुरा व्यवहार करता हैं।

हिंदुओं की लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन

2015 में पाकिस्तान के औरत फाउंडेशन ने साउथ एशिया पार्टनरशिप के साथ मिलकर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हर साल करीब 1 हजार लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन होता है।

ये सबसे ज्यादा सिंध प्रांत के उमेरकोट, थारपारकर , मीरपुर खास, संघर, घोटकी और जकोबादा जिलों में होता है। इस इलाके के ज्यादातर हिंदू गरीब हैं। इसी का फायदा उठाकर उनकी लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाया जाता है।

इस इलाके में दो मदरसा काफी मशहूर हैं। एक है दरगाह पीर भरचुंडी शरीफ और दूसरा दरगाह पीर सरहंदी। इन्हीं दो मदरसों में धर्म परिवर्तन का गोरखधंधा चलता है। इलाके में इन दोनों मदरसों का आंतक फैला है। मीरपुर खास, थरपारकर और उमेरकोट में धर्म परिवर्तन के सबसे ज्यादा मामले देखने में आते हैं।

पाकिस्तान में हिंदू, सिख, ईसाई, अहमदी और हाजरा जैसे समुदाय अल्पसंख्यक समुदाय में आते हैं। इन समुदायों के प्रति हिंसा के मामले साल दर साल बढ़े हैं। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग संगठन ने इन समुदायों पर हुए हमलों पर 2017 में एक रिपोर्ट जारी की थी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग लगातार गायब हो रहे हैं। उनका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन होता है। पाकिस्तान की कट्टरपंथी ताकतों से लेकर सेना तक इसका समर्थन करती हैं। एक आंकड़े के मुताबिक आजादी के वक्त पाकिस्तान में 20 फीसदी से ज्यादा अल्पसंख्यक थे। आज उनकी आबादी सिर्फ 3 फीसदी रह गई है।

2017 में दुनिया में ईसाई समुदाय की हालत को लेकर एक रिपोर्ट आई थी। उसमें 50 ऐसे देशों के नाम थे, जहां ईसाई बने रहना सबसे मुश्किल है। उस लिस्ट में पाकिस्तान का नंबर चौथा था।

धर्म परिवर्तन का असल आरोपी मिट्ठू मियां

दरगाह पीर भरचुंडी शरीफ के मिट्ठू मियां को हिन्दु लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाना पसंद है। असल आरोपी यही जनाब हैं।

पाकिस्तान के काफी नामी मौलवियों में से ये एक हैं जो घोटकी में भारचुंडी दरगाह में रहते हैं। रीना और रवीना घोटकी से ही अगवा हुई थीं। पाकिस्तान में इस इलाके और इसके आस-पास के इलाकों में से अगर कोई भी लड़की इस्लाम कबूल करती है तो वो इन्हीं के पास कैसे पहुंच जाती है ये नहीं पता।

मिया मिट्ठू का वास्तविक नाम पीर अब्दुल हक आका है। और ये पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के मामले में बहुत बदनाम हैं। कारण? हर अगवा हुई लड़की (इनके हिसाब से खुद ही आती हैं।) इन्हीं के पास आकर धर्म परिवर्तन करवाती हैं। मिट्ठू मियां कितने ताकतवर हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये इमरान खान के खासम खास हैं।

पाकिस्तान में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाने और मासूम लड़कियों को जबरन निकाह के चंगुल में फंसाने का श्रेय मिट्ठू मियां को ही जाता है। और यही मियां मिट्ठू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की पार्टी से जुड़ते हैं। एक फोटो ऐसी भी है इंटरनेट पर जहां इमरान खान पाकिस्तान के इस दबंग राइट विंग नेता के साथ दावत का मज़ा ले रहे हैं।

अगर आपको लगता है कि मियां मिट्ठू की सिर्फ राजनीति तक ही पहुंच है तो ये गलत है। मियां मिट्ठू की पहुंच पाकिस्तान में सर्वोपरि‍ मानी जाने वाली पाकिस्तानी सेना तक भी है।

धर्म परिवर्तन के बाद हिंदू लड़कियों का क्या होता है?

पाकिस्तान में ज्यादातर हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन होने के बाद मुस्लिम युवक से शादी कराई जाती हैं। इसके कुछ महीनो बाद ही उन्हें जिस्मफरोसी के धंधे में धकेल दिया जाता हैं।

एक जानकारी के मुताबिक 90 प्रतिशत मामलो में यही होता हैं। दरअसल उनकी जिस मुस्लिम से शादी होती हैं वो अपनी हवस मिटाने के कुछ महीने बाद लड़की बेदखल कर देता हैं।

ज़्यादातर मामलो में मुस्लिम युवक उन्हें जिस्म फरोशी के लिए बेच देते हैं। जहां उन की ज़िंदगी पूरी तरह जहन्नुम बन जाता है, और बदनामी के डर से वो अपने बारे में किसी को नहीं बताती हैं  । इस मामले में और जानकारी के लिए आप इस विडियो को देख सकते हैं।

News Reporter

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