अयोध्या के मंदिरों में चढ़ाये जाने वाले फूलों का अपमान नहीं होगा
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रूपेश श्रीवास्तव। अब अयोध्या के मंदिरों में श्रद्धापूर्वक भगवान पर चढ़ाये जाने वाले फूलों का अपमान नहीं होगा और ना ही फूल इधर-उधर फेंके पाए जाएंगे,इसके लिए अयोध्या में एक संस्था ने श्रद्धा का सम्मान नाम की मुहिम छेड़ दी है,जिसके तहत अब भगवान को मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूल से जैविक खाद बनेगी,साथ ही अयोध्या विशेषकर सरयू नदी प्रदूषण मुक्त भी होगी। एसोसिएशन आफ एनवायरमेंटल प्रोफेशनल्स संस्था ने मंदिरों में चढ़ चुके फूलों से जैविक खाद बनाने वाली ऑटोमेटिक मशीन को अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी में स्थापित किया है,जिसका उदघाटन स्थानीय भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने समारोह पूर्वक किया, समारोह को हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास,गुरुद्वारा नजर बाग़ के ज्ञानी महेंद्र सिंह और अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने संबोधित किया |
भाजपा सांसद  लल्लू सिंह ने कहा की अयोध्या के प्रमुख मंदिरों हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित प्रमुख मंदिरों में भगवान के प्रति आस्था से चढ़ाया गया फूल कुंतल में निकलता है। जिसे या तो कहीं सुरक्षित जगह रखा जाता है या फिर सरयू में प्रवाहित कर दिया जाता है। जिसके चलते जल प्रदूषित भी होता है,अब श्रद्धा के सम्मान अभियान के तहत इन बेकार फूलों से जैविक खाद बनाए जाएगी और अयोध्या विशेषकर सरयू नदी प्रदूषण मुक्त भी होगी  |
एसोसिएशन आफ एनवायरमेंटल प्रोफेशनल्स संस्था की पदाधिकारी डॉ शालिनी गुप्ता ने कहा कि मैंने एक मंदिर में फूल की बड़ी माला चढ़ाई और कुछ देर रुकी रही कि नगर निगाम की गाडी आई और कूड़े-कचरे के साथ अन्य फूल-मालाओं में हामरी भी माला उठा ले गए,यह देख हमें ठेस पहुँची और फिर मैंने तय किया कि कोई रास्ता निकालूंगी कि श्रद्धा का अपमान न हो और फिर रास्ता निकला,वह भी उपयोगी |
वहीं अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा फूलों से जैविक खाद बनाने की मशीन से अब नगर निगम को सहयोग मिलेगा,साथ ही अयोध्या प्रदूषण मुक्त होगी,उन्होंने कहा इस कार्य में नगर निगम पूरी तरह सहयोग करेगा |

 

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