फर्रुखाबाद में सिरफिरे ने 20 बच्चों को घर में बंधक बना शुरू की फायरिंग, पुलिस के छूटे पसीने

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।मोहम्मदाबाद के गांव करथिया में गुरुवार शाम एक युवक ने 20 बच्चों को कमरे में कैद कर फायरिंग शुरू कर दी। सूचना पर यूपी 112 के साथ पहुंची कोतवाली पुलिस ने साहस जुटाकर घर के करीब जाने का प्रयास किया तो युवक ने हथगोला फेंक दिया, जिससे कोतवाल समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। अभी तक पुलिस युवक पर काबू नहीं पा सकी है। पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। गांव में दहशत का माहौल है। बंधक बनाए गए बच्चों के अभिभावकों का रो-रोकर बुरा हाल है।गांव के ही सुभाष बाथम ने गुरुवार अपराह्न 3.30 बजे गांव की सात वर्षीय खुशी, छह वर्षीय मुस्कान, चार वर्षीय आदित्य, आठ वर्षीय रोशनी, पांच वर्षीय आरवी, आठ वर्षीय लक्ष्मी, बृजकिशोर, आकाश समेत 20 बच्चों को अपनी एक वर्षीय बेटी के जन्म दिन का झांसा दे घर में बुलाकर बंधक बना लिया। काफी देर तक बच्चों के घर न लौटने पर उनके स्वजन सुभाष के घर पहुंचे तो उसने फायरिंग कर दी। इससे भगदड़ मच गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार, यूपी 112 की टीम वहां पहुंची। पुलिस ने जब घर खुलवाने का प्रयास किया तो अंदर से सुभाष ने हथगोला फेंक दिया। इससे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार, यूपी 112 के दीवान जयवीर सिंह, सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए। अन्य थानों की फोर्स केसाथ स्वाट टीम ने पहुंचकर मकान की घेराबंद कर ली। इसी दौरान सुभाष को समझाने क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह पहुंचे। विधायक और एसपी अनिल मिश्रा ने लाऊड हेलर से समझाया तो वह गालीगलौज करने लगा। इसी दौरान गांव का ही युवक अनुपम दुबे उर्फ बालू समझाने के लिए उसके दरवाजे पर पहुंच गया तो अंदर से सुभाष ने फायर कर दिया। इससे बालू घायल हो गया।ग्रामीणों ने बताया कि सुभाष को पुलिस ने तीन महीने पहले चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। वह डेढ़ माह पहले जेल से छूट कर आया था। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम बच्चों को बचाने का प्रयास कर रही है। शातिर सुभाष वर्ष 2001 में गांव के मेघनाथ बाथम की गोली मारकर हत्या कर चुका है। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट से वह जमानत पर चल रहा है। तीन माह पूर्व वह चोरी में पकड़ गया था। डेढ़ माह पूर्व वह जेल से छूटकर घर आया था। पुलिस से पकड़वाने की रंजिश में गांववालों को सबक सिखाने को शातिर युवक ने अपनी एक वर्षीय बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के 20 बच्चों को अपने घर बुलाकर कैद कर लिया।शातिर सुभाष चंद्र बाथम गुरुवार दोपहर आस पास के घरों में गया और कहा कि उसकी एक वर्षीय पुत्री का जन्मदिन है, इसलिए बच्चों की दावत रखी है। जिस पर ग्रामीणों ने अपने-अपने बच्चे सुभाष के साथ भेज दिए। कुछ बच्चे बाद में पहुुंचे। काफी देर तक बच्चों के न लौटने पर कुछ ग्रामीण सुभाष के घर पहुंचे। मकान बंद देख ग्रामीणों ने दरवाजा खटखटाया तो सुभाष ने अंदर से फायरिंग कर दी। ग्रामीण चीख कर भागे तो तो बोला कि मुझे पुलिस से पकड़वाने का अब कुछ तो मजा चखो।

योगी ने फर्रुखाबाद में फंसे बच्चों का लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद शिरफिरे द्वार बच्चों को कब्जे में करके गोलीबारी करने की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने फर्रुखाबाद पुलिस को जमकर लताड़ा है। मुख्यमंत्री ने तल्ख लहजे में पूंछा है कि पिछले 7 घंटे से  फर्रुखाबाद पुलिस क्या कर रही है? ऑनलाइन वीसी से फर्रूखाबाद के डीएम और एसपी को फटकार लगाई है। नाराज मुख्यमंत्री ने जानना चाहा कि आखिरकार समय रहते उस सरफिरे अपराधी को क्यों नहीं काबू किया गया। आपको बता दें फर्रुखाबाद कप्तान वही है जिनसे देवबन्द दंगे के दौरान उनके हमराहों से  एके-47 लूट ली गई थी जो आज तक नहीं मिली। सीएम योगी स्वयं फर्रुखाबाद मामले पर निगाह गड़ाए हुए हैं। मुख्यमंत्री का किलियर कट निर्देश, हर हालात में सभी बंधक बच्चे महिलाओं को सकुशल बंधन मुक्त कराया जाय।

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