आर्गेनिक खेती में केंचुआ खाद लाभदायक- डॉ उपाध्याय

आज दिनांक 9 फरवरी 2021 को महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र चौकमाफी, पीपीगंज, गोरखपुर एवं हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान चल रहे “केंचुआ खाद का गेहूं की फसल पर परीक्षण” के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के फॉर्म पर ट्रायल चल रहा है जिसमें केंचुआ खाद एवं डाई अमोनियम फास्फेट खाद की विभिन्न मात्रा का आकलन डॉ. संदीप प्रकाश उपाध्याय, मृदा वैज्ञानिक एवं हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड से राजकुमार यादव के द्वारा किया गया l जिसमें केंचुआ खाद की मात्रा का प्रभाव गेहूं की फसल पर पाया गया जैसे कि पौधे की ऊंचाई व कल्लों की संख्या में अंतर दिखा l

डॉ उपाध्याय के द्वारा बताया गया कि पौधों को उनकी विभिन्न अवस्थाओं में मुख्य एवं सूक्ष्म पोषक तत्व की आवश्यकता पड़ती रहती है जिसकी पूर्ति खाद जैसे गोबर की खाद, केंचुआ की खाद व हरी खाद द्वारा पूरी होती रहती है। परीक्षण में पौधों की ऊंचाई व अन्य अंतर का कारण यही है, साथ ही इन खाद के प्रयोग से मृदा का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है तथा मृदा में जैविक कार्बन की मात्रा में वृद्धि होती है।

इसी प्रकार ग्राम नगरा में उन्नतशील किसान राजकुमार के यहां उनके पिता जगन की उपस्थिति तथा ठकुरा पार मे छोटेलाल सिंह व धर्मवीर सिंह के यहां फसल का मूल्यांकन किया गया . किसान बंधुओं के द्वारा केंचुआ खाद का गेहूं की फसल में प्रभाव को सराहा गया तथा बताया गया कि अन्य जगह के पौधों से परीक्षण के खेत के पौधों की बढ़वार ज्यादा अच्छी है।

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