चरागाह की जमीन पर बने मकानों पर चला बुलडोजर छावनी में तब्दील हुआ टेपरा गांव
महेश चंद्र गुप्ता/ बहराइच। ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिकारियों की सख्ती का अजब नमूना सामने आया। शादी वाले घर पर अधिकारियों ने बेजा कब्जा का हवाला देते हुए बुलडोजर चला दिया। तहसीलदार सोहन लाल ने पीडि़त परिवार की बातों को अनसुना करते हुए बल की मौजूदगी में मकान मिनटों में गिरवा दिया। प्रभावितों ने बताया कि अवैध कब्जा तोडऩे से पहले एक बार भी प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। ऐसे में सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से लोगों में काफी आक्रोश है।दो दर्जन से ज्यादा पुलिसबल की तैनाती में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। अतिक्रमण को हटाने से पहले ही विरोध को दबाने के लिए प्रशासन ने पूर्व ही पूरी तैयारी कर ली थी।
इनके घरौंदे पर चला बुलडोजर
सहजाद हुसैन, राम बहोरि, जगराना,जगदीश,कदीर फकरुदीन,छोटू,सलीम, मो,सकील, कसीम,सहिद हुसैन, सलमान,हसीम,इमरान,जर्रार,जर्रार,सज्जन,रियाज,मंसूर अली,समसाद,अंसार,उफएल हुसेन,समसुदीन, जंगबहादुर,जुबेल, अलीम,भोंदू,इजहार,रहमत हुसैन, मो,हनीफ,साजन,चाँद बाबू,यासीन उर्फ अच्छन, राजन,सहित कई लोगों के मकानों को तोड़ा गया। यासीन उर्फ अच्छन के लड़की की शादी ईद के बाद होनई थी। जहां खुशियों की शहनाई बजने वाले थीं वहां घर टूटने का परिवार मातम मनाता दिखा।
चाँद बाबू की पांच बेटीयां है वो भी यतीम और बे सहारा 
करीब 30 सालों से करते थे जीवन यापन आज वो भी होगये बेघर और बे सहारा शाइना बेगमअपने चार बहनों के साथ अपने छोटे भाई   बीमार पिता के व अपने घर की जिम्मेदारी बहन सपना और शाइना के ऊपर आ गई इनकी माँ की मौत तीन साल पहले  हो चुकी है अब बेघर हुई बहने।लोग रोते रहे गिलगिलते रहे हम सब रोजा रखने वाले है हमे कुछ और वक्त देदो जिससे कहि अलग बेवस्था कर ले मगर किसी ने एक न सुनी खुले आसमान के तले आए 150परिवार।
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर किए गए इस कार्रवाई पर कई तरह के सवाल अभी से उठने लगे हैं। जब चरिगह कि जमीन थी तो लोगो को सरकारी आवास बनाने की इजाजत किसने दी जो लोग बेघर हुए उनके रहने के लिए फिलहाल कोईB औचक वेवस्था क्यो नही की गई 150लोगो का परिवार तपती धूप में जाए तो कहा जाए लोगों की नाराजगी का अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।ग्राम प्रधान रजि अहमद ने बताया प्रसासन से एक सफ्ताह का टाइम मांगा गया था जिसे देने से इनकार कर दिया गया।लगभग एक दर्जन गरीबी के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्रसासन से मद्त की दरकार है।

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