चमोली में ‘‘वेस्ट टू वंडर पार्क’’ बना आकर्षण का केंन्द्र

संतोष नेगी/ वेस्ट मटीरियल (अनुपयोगी वस्तुओं) को सरलता से रिसायक्लिंग कर फिर से कैसे बेस कीमती बनाया जा सकता है और इसको कैसे नए रूप में परिवर्तित कर हम अपने घर आंगन एवं आसपास की सजावट कर आकर्षक बना सकते है। इसका बेहतर उदाहरण अगर देखना हो तो चमोली जिले के क्लेक्ट्रेट परिसर में तैयार कराए गए पार्क में देखा जा सकता है। यहाॅ पर जिला प्रशासन के इनोवेटिव आइडिया से वेस्ट मटीरियल को उपयोग में लाकर एक सुन्दर पार्क तैयार कराया गया है। इस पार्क का नाम ही ‘‘वेस्ट टू वंडर’’ रखा गया है। इस पार्क में खाली ड्रम, डब्बों, गाडी के टायरों एवं प्लास्टिक की खाली बोतलों व वकेट से सुन्दर कोकोनेट ट्री, डाॅल, गमले, प्लांट, बतख, तितली, फूलदान और वेस्ट प्लास्टिक बोतलों में मिट्टी भरकर आकर्षक दीवाल बनाकर पार्क की सजावट की गई है। वही खाली ड्रमों को काटकर पार्क में बैठने के लिए सौफे व बेंच बनाए गए है। साथ ही अनुपयोगी वस्तुओं से सुंदर सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किया गया है जहाॅ पर पूरे पार्क के साथ सेल्फी ली जा सकती है। वेस्ट मटीरियल से बने सुन्दर गमलों में लगाए गए कई प्रजाति के फूल एवं सजावटी पौधे इस पार्क की सुन्दरता में और भी चार चांद लगा रहे है। पार्क के पेड़ों के आसपास सुंदर फूल, पौधे एवं नदी के गोल पत्थरों से सजावट की गई है। खाली डब्बों पर बने कई प्रकार के कार्टून व चित्र बच्चों को सहसा ही अपनी ओर आकर्षित कर रहे है। पूरा पार्क एक विशेष आकर्षण का केंद्र बना हैं। इस पार्क में आने वाला हर व्यक्ति नया अनुभव महसूस कर रहा है और जिला प्रशासन के प्रयासों की भी खूब सराहना हो रहीे है। जिले में इस तरह का यह पहला पार्क है जिसके माध्यम से वेस्ट मटीरियल को फिर से उपयोगी बनाने के लिए एक विशेष संदेश देने का प्रयास किया गया है।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि ‘वेस्ट टू वंटर’ पार्क बनाने के पीछे जिला प्रशासन की मनसा वेस्ट मटीरियल के प्रति आम लोगों जागरूक कर अनुपयोगी वस्तुओं को प्रोडेक्टिव बनाना और इससे फैल रही गंदगी को रोकना है। साथ ही अनुपयोगी वस्तुओं से कई तरह के उपयोगी आईटम बनाने के लिए नया आइडिया देना भी इसका उदेश्य है ताकि लोग दैनिक जीवन में भी इस मंत्र का प्रयोग करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे जहाॅ एक ओर कूडा करकट समझी जाने वाली वस्तुओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा वही पर्यावरण में वेस्ट मटीरियल से फैलने वाले प्रदूषण को कम करते हुए प्रकृति में साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

Leave a Reply