; सिंधु घाटी सभ्यता से भी हजारों वर्ष पुरानी है इस नदी घाटी की सभ्यता
सिंधु घाटी सभ्यता से भी हजारों वर्ष पुरानी है इस नदी घाटी की सभ्यता

सोनभद्र। विकास खण्ड चरता के करद गांव से निकलने वाली बेलन नदी के उद्गम स्थल से विश्वपर्यावरण दिवस पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने विश्व की सबसे प्राचीन नदी घाटी सभ्यता बेलन नदी घाटी को विश्व के मानस पटल पर लाने का संकल्प किया है। इसके लिए बेलन के उद्गम स्थल करद गांव में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें वृक्षारोपण कर बेलन नदी की विधि विधान के साथ पूजा किया गया।

जल जन जागरण यात्रा करद गांव से निकाली गयी। इसका का समापन उद्गम स्थल से 5 किलोमीटर दूर रामगढ़ में शहीद स्थल स्तंभ के पास हुआ। इसके जरिए एक तरफ जल संरक्षण व पर्यावरण बचाने की मुहिम चलाई गयी वहीं दूसरी ओर अब तक लोगों की जानकारी से दूर बेलन नदी की महत्ता पर भी विस्तार से चर्चा किया गया।

सदर विधायक ने बताया कि बेलन नदी घाटी विश्व की सबसे प्राचीन नदी घाटी सभ्यता हैं। अभी तक लोग सिंधु घाटी सभ्यता को इतिहास में पढ़ते रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि वह सभ्यता 6 से 7 हजार वर्ष पुरानी है। इसके ठीक विपरीत बेलन नदी घाटी सभ्यता 17 हजार वर्ष प्राचीन है। पुरातात्विक उत्खनन के जरिए इस नदी के किनारे उच्च पाषाण युग के अवशेष मिले हैं ।कार्बन डेटिंग से तय हुआ है कि यह सभ्यता इतनी प्राचीन है।

बेलन

बेलन नदी सोनभद्र के सदर तहसील क्षेत्र के करद गांव से निकली है और मिर्जापुर होते हुए इलाहाबाद में टोंस नदी में मिलती है। बेलन और टोंस का संगम राष्ट्रीय राज्य मार्ग 27 के पास देवघाट नामक स्थान पर है। श्री चौबे ने बताया कि बेलन इस जिले की मातृ नदी है ।इसे लक्ष्य में रखकर जनपद में जल संरक्षण के लिए विशेष कार्य करने की जरूरत है। सोनभद्र की नदी नालों के जल को कैसे संरक्षित किया जाए। इसके लिए व्यापक कार्य योजना 2 अप्रैल को मिर्जापुर में आयोजित मंत्री समूह की बैठक में प्रस्तुत की गई है। यहां के पुरानी बधियों का जीणोद्धार तालाबों का गहरीकरण व तालाबों के किनारे व अन्य भूमि पर सघन वृक्षारोपण के जरिए यहां के पर्यावरण को संरक्षित किया जाना है।जब तक पर्याप्त वृक्ष नहीं होंगे जल की कल्पना नहीं की जा सकती ।वृक्ष और जल का आपस में बहुत बड़ा सामंजस्य है ।इसका उदाहरण इस बात से लिया जा सकता है कि जहां जंगल और वृक्ष नहीं है वहां नाम मात्र की वर्षा होती है। धरती रेगिस्तान व बंजर हो जाती है । इसी को दृष्टिगत रखते हुए धरती को बंजर बनने से रोकने के लिए लोगों के जीवन के लिए जल व जंगल कितना महत्वपूर्ण है। जल जन जागरण यात्रा आयोजित की गई है।

इस अवसर सांसद छोटलाल खरवार,रमेश मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल,नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र जयसवाल,आलोक सिंह,अजीत चौबे,गोविंद यादव,माला चौबे,बृजेश श्रीवास्तव, कमलेश चौबे,संतोष शुक्ला,गौरव शुक्ला,परमानंद सिंह ,रवि प्रकाश चौबे,सुनील सिंह,देवी सिंह समेत वन विभाग व पुलिस कर्मियों के साथ ही सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

-गणेश दुबे

News Reporter
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