68वें राज्य स्तरीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का हुआ समापन
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सन्तोषसिंह नेगी / चमोली  के गौचर 68वें  राज्य स्तरीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला गौचर का शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी व थराली विधायक मुन्नी देवी शाह ने कहा कि मेले किसी भी समाज के न सिर्फ लोगों के मिलन के अवसर होते है, वरन संस्कृति, रोजमर्रे की आवश्यकताओं की पूर्ति के स्थल व विचारों और रचनाओं के भी साम्य स्थल होते है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप भी अपने में एक आकर्षण का केन्द्र है और गौचर का यह प्रसिद्व मेला इसका उदाहरण है। उन्होंने गौचर मेले के सफल संपादन पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मेलाधिकारी जीआर बिनवाल सहित प्रशासन के सभी अधिकारियों को बधाई दी।

जिलाधिकारी/मेला अध्यक्ष स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि राज्य स्तरीय मेले का भव्य स्वरूप को आगे भी बरकार रखा जायेगा। जिलाधिकारी ने मेले की सफलता पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से मेले का सफल आयोजन हुआ। उन्होंने मेले के सफल संचालन को लेकर मेलाधिकारी जीआर बिनवाल सहित सभी विभागों तथा पुलिस प्रशासन को भी धन्यवाद दिया। इस मौके पर प्रतिभागियों सहित सहयोग करने वाले शिक्षकों, समाजसेवी, राजस्व टीम, पुलिस प्रशासन, विभागीय स्टाॅल, दुकान, उद्यान, उद्योग आदि विभागों सहित मेला समिति के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वही मेला समिति ने शाॅल एवं स्मृति चिन्ह व शाॅल भेंट कर सम्मानित किया।

फुटबाल में विजेता टीम गढवाल राइफल्स को 51 हजार तथा उप विजेता उत्तराखण्ड पुलिस को 21 हजार के नगर पुरस्कार के साथ ट्राॅफी प्रदान की गई। वॉलिबाल में विजेता टीम बीईजी रुड़की को भी 51 हजार व उप विजेता श्रीनगर ए को 21 हजार व ट्राॅफी प्रदान की गई। बैडमिंनट, मार्च पास्ट, रस्साकस्सी, फूड फेस्टिवल, राइफल सूटिंग तथा स्कूली बच्चों को शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर पुरस्कृत किया गया। विभागीय स्टाॅल प्रदर्शनी में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने पहला तथा उद्यान विभाग दूसरा स्थान प्राप्त किया।

मेले में उद्योग विभाग के सौजन्य से 40 स्टाॅल लगाये गये थे। इन स्टाॅलों पर ट्वीट शाॅल, स्टोल, पंखी, मफलर, ऊनी कुर्ती, काशीपुर की प्रिंटेड चादर आदि वस्तुओं की लोगों ने जमकर खरीददारी की। इन स्टाॅलों पर उद्यमियों द्वारा लगभग 49 लाख के आसपास ऊनी वस्त्रों की बिक्री हुई। स्थानीय उत्पादों को बढावा देने के लिए मेले में लगाये गये सरकारी स्टाॅलों में भी स्थानीय उत्पाद मंडुवे का आटा, भंगजीरा, गहत की दाल, फरण, सोयाबीन, राजमा आदि की भी जमकर खरीदारी हुई।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के अथक प्रयासों से इसबार गौचर मेले का भव्य आयोजन हुआ। इस बार मेले में उत्तराखण्ड की लोक संस्कृतिक के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के अनेक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया। जिसका दर्शकों ने मेले के दौरान जमकर लुफ्त उठाया। गौचर मेले में पहली बार साहसिक पर्यटन को बढावा देने के लिए हाॅट एयर बैलून प्रशिक्षण, राज्य स्तरीय बाक्सिंग प्रतियोगिता, कुश्ती दंगल, फूड फेस्टिवल, फिल्म फेस्टिवल आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वही सांस्कृतिक संध्या में तंदूरा डांस, इडिया फाॅक डांस, संैड आर्टिस्ट, निजामी बंधू की कब्बाली, मैजिक शो, यूनिक सैडो एण्ड रोबोटिक डांस, कवि सम्मेलन आदि राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के कई कार्यक्रम भी लोगों को देखने को मिले। वही हैंगिंग कृष्णा, हवा में लटके तपस्या करते हुए ऋषिमुनी, स्टीकवाॅकर भी मेले के दौरान आकर्षण के केन्द्र बने रहे। इस बार मेले में बच्चों, महिलाओं, युवावों तथा बुर्जुग हर आयु वर्ग को कुछ न कुछ नया सीखने व देखने को मिला। मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित कर अलग पहचान देने पर लोगों ने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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