300 बेड के चिकित्सालय हो जाने से मरीजों को बेड की उपलब्धता बढ़ेगी

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने आज गोरखपुर बीआरडी मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर में 300 शैय्यायुक्त एल-3 कोविड चिकित्सालय, बी0एस0एल0-3 लैब, 100 बेड पीजी हाॅस्टल तथा गेस्ट हाउस का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समय-सीमा के अन्दर पूर्वान्चल वासियों के लिए मेडिकल काॅलेज के बाल चिकित्सा संस्थान में इस कोविड अस्पताल का निर्माण किया गया है। साथ ही, प्रदेश का पहला बाॅयोसेफ्टी लेवल-3 लैब का भी शुभारम्भ किया।


श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि इस पूरे परिक्षेत्र में लेवल-3 का बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज में 200 बेड का अस्पताल था। 300 अतिरिक्त बेड के अस्पताल की स्थापना से बेडों की संख्या बढ़ाकर 500 हो गयी है। इस कोविड अस्पतालों में 100 आई0सी0यू0 बेड्स ताकि 200 आइसोलेशन बेड्स है। इस अस्पताल में 72 वेन्टीलेटर, 50 एच0एफ0एन0सी0 ताकि 200 इन्फ्यूजन पम्प सहित मोबाइल डिजीटल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल अल्ट्रासाउण्ड मशीन सहित माॅनीटर, पल्स आॅक्सीमीटर आदि उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि 300 बेड के चिकित्सालय का निर्माण हो जाने से गोरखपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेड की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 किसी एक विभाग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की लड़ाई है। इसमें आमजन के साथ-साथ सभी को एकजुट होकर लड़ना है और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करनी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के पहले बी0एस0एल0-3 लैब का उद्घाटन हो जाने से जांच की क्षमता में वृद्धि होगी।

कोरोना संक्रमण जांच की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कान्ट्रैक्ट ट्रेसिंग के कार्याें में तेजी लायी जाए। प्रदेश सरकार कोरोना महामारी से पूरी मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रही है। जिसका परिणाम है कि प्रदेश में कोरोना पाॅजिटिव दर तथा मृत्यु दर कम है तथा रिकवरी रेट बेहतर है।

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