उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने 859 पोर्न वेबसाईटों को सख्ती से बंद करने के दिए आदेश
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संतोष नेगी। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने  बच्चो में पोर्न साइट की बढ़ रही लत को गंभीरता से लेते हुए  इंटरनेट पर उपलब्ध  859 पोर्न वैबसाईटो को सख्ती से बंद करने के आदेश केन्द्र सरकार को दिए है। खण्डपीठ ने इन्टरनेट सर्विस प्रोवाईडरो आई.एस.पी.को भी आदेश दिए हैं कि वो केन्द्र सरकार की सूची के आधार पर पोर्न वैब-साईट को बंद करे।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने आज देहरादून के भाऊवाला स्कूल में कक्षा 10 वीं  की छात्रा के साथ चार नाबालिक छात्रो द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के किया गया था। आरोपियों ने पोर्न वैबसाईटो देखकर ये घिनोना अपराध को अंजाम दिया था।
वहीं दूसरी जनहित याचिका में सुनवाई करते हुए खण्डपीठ ने दून अस्पताल में जच्चा बच्चा की असमय मौत के मामले का भी स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को मामले की जल्द से जल्द जाॅच पूरी कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं ।
खंडपीठ ने बच्चों में पोर्न साइट में अश्लीलता की बढ़ रही लत को गंभीरता से लेते हुए देशभर में 859 पोर्न वैबसाईटो को बंद करने के आदेश केन्द्र सरकार को दिए है। कोर्ट ने इन्टरनेट सर्विस प्रोवाईडरो आई.एस.पी.को भी आदेश दिए हैं कि वो केन्द्र सरकार की सूचि के आधार पर पोर्न वैब-साईट को बंद करे। ताकी बच्चो के मन में गलत प्रभाव ना घर कर सके और लगातर बढ रही रेप समेत अन्य घटनाओ को रोका जा सके। तांकि इससे बच्चो के मन साफ रह सके। मामले के अनुसार देहरादून के भाऊवाला में स्कूल में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं गर्भपात कराए जाने तथा दून अस्पताल में उपचार नहीं मिलने की वजह से एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। हाईकोट ने इसका स्वतः संज्ञान लिया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेने के बाद सरकारी पक्ष द्वारा मामलों में की गई कार्रवाई का ब्यौरा जुटाया था। न्यायालय ने पूर्व में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किये थे।
वहीँ सरकार ने भी जी.आर.डी.स्कूल में छात्रा के साथ हुए गैग रेप को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की मान्यता को रदद कर दिया है।
News Reporter

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