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हर वह सुविधा जनता को मिलेगी, जो मंत्री सरकार से ले रहे : अरविंद केजरीवाल

*मैंने ठान ली है, जो सुविधाएं सरकार से मंत्रियों को मिलती हैं, वह देश की जनता को दिलवा कर रहूंगा- अरविंद केजरीवाल*

* मंत्रियों को फ्री इलाज मिलता है, तब विपक्षी पार्टियों को कोई तकलीफ नहीं होती, लेकिन हम जनता को फ्री इलाज दे रहे, तो उनको तकलीफ होती है- अरविंद केजरीवाल*

*एक-एक मंत्री की चार-चार हजार यूनिट बिजली फ्री होती है, उसको 4 हजार यूनिट बिजली मिल जाए, तो वह ‘फ्री बी’ नहीं है, मैंने अपने दिल्ली के लोगों के 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी, तो इसे ‘फ्री बी’ कहते हैं- अरविंद केजरीवाल*

*विरोधी पार्टी वाले कहते हैं, पैसा कहां से आएगा? जो सारे मंत्री और अधिकारी मिल कर पैसा लूटा करते थे, हमने उस लूट को बंद कर दी, वो सारा पैसा जो सरकार का चोरी हो जाता था, वो पैसा हमने जनता में बांटना चालू कर दिया – अरविंद केजरीवाल*

*सरकार में पैसा बहुत है, लेकिन इन लोगों ने जनता को बेवकूफ बना रखा है कि पैसा नहीं है- अरविंद केजरीवाल*

*दिल्ली कैबिनेट ने 18 दिसंबर 2018 को सभी वकीलों को लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस की स्कीम पास की थी, तब दुनिया में किसी को पता नहीं था कि कोरोना आएगा- अरविंद केजरीवाल*

*कोरोना के दौरान जान गंवाने वाले 122 वकीलों के परिवारों को लाइफ इंश्योरेंस स्कीम के तहत 12.25 करोड़ रुपए दिए गए – अरविंद केजरीवाल*

*कोरोना के समय 1220 वकीलों ने मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम का फायदा उठाया है, इसके लिए 7.25 करोड़ रुपए जारी किए गए- अरविंद केजरीवाल*

*मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘आप’ लीगल सेल की ओर से आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में हुए शामिल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज ‘आप’ लीगल सेल की ओर से आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने ठान ली है कि जो सुविधाएं सारे मंत्रियों को मिलती हैं, वह इस देश के लोगों को दिलवा कर रहूंगा। मंत्रियों को फ्री इलाज मिलता है, तब उन्हें कोई तकलीफ नहीं होती है, लेकिन हम वकीलों को फ्री इलाज दे रहे, तो उनको तकलीफ होती है। हमारे विरोधी कहते हैं कि पैसा कहां से आएगा? जो सारे मंत्री और अधिकारी मिल कर पैसा लूटा करते थे, हमने उस लूट को बंद कर दी। यह पैसा वहां से आ रहा है। सरकार में पैसा बहुत है, लेकिन इन लोगों ने जनता को बेवकूफ बना रखा है कि पैसा नहीं है। सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली सरकार की तरफ से वकीलों के लिए शुरू की गई वेलफेयर स्कीम के संबंध में कहा कि लाइफ इंश्योरेंस के तहत कोरोना के दौरान जान गंवाने वाले 122 वकीलों के परिवारों को 12.25 करोड़ रुपए दिए गए हैं और 1220 वकीलों ने मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम का फायदा उठाया है। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिविल लाइंस स्थित शाह ऑडिटोरियम में ‘आप’ लीगल सेल की तरफ से आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान कानून मंत्री कैलाश गहलोत, समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के अलावा अधिवक्ता दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन राकेश सिंह सेहरावत व कोआर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन वीके सिंह समेत बड़ी संख्या में दिल्ली के सभी बार काउंसिल के सदस्य और अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दीप प्रज्वलित कर इस अधिवक्ता सम्मेलन की शुरूआत की। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्यों ने माला पहना कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 

*कोरोना के दौरान हमारी वेलफेयर स्कीम का दिल्ली के काफी वकीलों को लाभ मिला- अरविंद केजरीवाल*

अधिवक्ता सम्मेलन में दिल्ली के कोने-कोने से आए सैकड़ों अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसा कहा गया कि 2013-14 में कौशाम्बी के एक छोटे से कमरे में ‘आप’ लीगल टीम की शुरूआत हुई थी। आज इतना बड़ा हम लोगों का परिवार बन गया है। अब सब लोगों को तहे दिल से बधाई। आप लोगों के साथ मेरा दिल का नाता है और प्यार दोनों तरफ से है। आज यहां इतनी बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को सुनने नहीं आए हैं। मुख्यमंत्री तो इतने उबाउ होते जा रहे हैं कि उनको कोई सुनने नहीं आ रहा है। इतनी संख्या में लोग इसलिए आए हैं कि सबका मुझसे कुछ न कुछ तो कनेक्शन है। जो इतने सारे वकील साथियों को खींच कर लाई है। एक कहावत है कि भगवान जो करता है, अच्छा करता है। भगवान को पहले से पता होता है कि क्या होने वाला है? 18 दिसंबर 2019 को दिल्ली कैबिनेट ने यह स्कीम पास की थी कि हम दिल्ली के सभी वकील भाइयों को लाइफ इंश्योरेंस और मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देंगे। उस समय पूरी दुनिया में किसी को भी नहीं पता था कि कोरोना आने वाला है। उपर वाले को पता था कि तीन महीने बाद कोरोना आने वाला है। मैं अभी यही सोच रहा था कि यह स्कीम ऐन समय पर ऐसे पास हो गई, जैसे भगवान ने इसी के लिए किया था कि सभी लोगों को थोड़ी सहूलियत मिल जाए। 

*जब तक हमारी सरकार रहेगी, तब तक दिल्ली के वकीलों के लिए शुरू की गई वेलफेयर स्कीम जारी रहेगी- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के दौरान कई वकील साथियों की जान चली गई। हमारे पास वेलफेयर स्कीम के तहत 147 आवेदन आए हैं और 122 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जिसमें 12.25 करोड़ रुपए उनके परिवारों को दिए जा चुके हैं। 1220 वकील साथी बीमार होने के बाद अस्पतालों में भर्ती हुए और उन्होंने मेडिकल इंश्योरेंस का फायदा उठाया और उनके इलाज के लिए 7.25 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। मैं समझता हूं कि पूरे देश में शायद दिल्ली पहला और अकेला राज्य है, जहां पर इस किस्म की स्कीम है। मुझे आशा और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में देश के सभी राज्य इस अच्छी स्कीम को अपनाएंगे और धीरे-धीरे पूरे देश के वकीलों के लिए यह वेलफेयर स्कीम लागू होगी। उन्होंने कहा कि एक संदेश पैदा किया जा रहा है कि यह स्कीम एक ही साल के लिए थी क्या? मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जब तक हमारी सरकार है, तब तक तो यह स्कीम है, उसके बाद का पता नहीं है। यह स्कीम आगे भी लागू रहेगी। अभी कुछ अड़चनें थी, एलआईसी के साथ बातचीत चल रही है और यह बातचीत सफल अवश्य होगी। इसके बाद इसे आगे बढ़ा दिया जाएगा। जब इस स्कीम को आगे बढ़ाया जाएगा, तो पोर्टल को दोबारा खोल देंगे, ताकि जो वकील स्कीम से लाभांवित होने से वंचित रह गए हैं, वो भी इसका फायदा उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी पार्टियों ने इसका खूब विरोध किया। 

*विपक्ष ने वकीलों के लिए शुरू की गई वेलफेयर स्कीम का खूब विरोध किया- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज कल ‘फ्री बी’ का एक शब्द चल रहा है। हमारे विरोधी कहते हैं कि वकीलों के लिए क्यों कर रहे हो? वकील तो बहुत अमीर होते हैं। शायद वो पिक्चरों में दो-चार बड़े-बड़े वकीलों को देखते होंगे। उनको पता नहीं है कि एक आम वकील क्या होता है? एक आम वकील किस तरह से बड़ी मुश्किलों के साथ अपने घर का गुजारा करता है। मुझे लगता है कि वकालत के पेश में सेटल होने में 15 से 20 साल लग जाते हैं। तब तक उसका संघर्ष होता है, उस संघर्ष को कोई नहीं जानता है। जब वह बड़ा हो जाता है और उसका नाम हो जाता है, तब सब लोग जानते हैं। उसके संघर्ष के दिनों के अंदर उसका कोई साथ नहीं देता है। मैं समझता हूं कि दिल्ली के अंदर हजारों वकील एक आम आदमी की मदद कर रहे हैं। मैं नहीं समझता हूं कि उनके पास ढेर सारा पैसा है। विरोधी पार्टियों ने बहुत विरोध किया, लेकिन मेरी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। 

*सरकार का जो सारा पैसा चोरी हो जाता था, उसे बचाकर हमने जनता में बांटना चालू कर दिया- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केरजीवाल ने विरोधी दलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जितने भी मुख्यमंत्री, मंत्री, कैबिनेट मंत्री, प्रधानमंत्री समेत सभी का इलाज फ्री है। लेकिन अगर हम वकीलों को फ्री इलाज दे, तो ‘फ्री बी’ कहते हैं। उनको ‘फ्री बी’ मिल रहा है, तब तो उन्हें कोई तकलीफ नहीं होती है। हम अपने वकीलों को फ्री इलाज की सुविधा दे दें, तो उनको तकलीफ होती है। एक-एक मंत्री की चार-चार हजार यूनिट बिजली फ्री होती है। उसको 4 हजार यूनिट बिजली मिल जाए, तो वह ‘फ्री बी’ नहीं है। मैंने अपने दिल्ली के लोगों के 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी, तो इसे ‘फ्री बी’ कहते हैं। मैंने तो ठान ली है कि इस देश में जो मंत्रियों को मिलता है, वह इस देश के लोगों को दिलवा कर रहूंगा। वो फिर कहते हैं कि पैसा कहां से आएगा? इस देश के अंदर एक बार कोई विधायक बन जाए, उसका 10-15 करोड़ रुपए का बैंक वैलेंस हो जाता है। दो-चार बंगले हो जाते हैं। स्वीस बैंक में खाता हो जाता है और सात पुश्तों का इंतजाम हो जाता है। वो सारा पैसा जो सरकार का चोरी हो जाता था, वो पैसा हमने जनता में बांटना चालू कर दिया। जो पैसा स्वीस बैंकों में जाता था, उस पैसे से आपका लाइफ इंश्योरेंस करा दिया। मंत्रियों के दो-दो फ्लैट खरीद हो जाते थे। उसकी जगह हम आपका मेडिकल इंश्योरेंस करा दिया और आपकी बिजली फ्री कर दी। पैसा वहां से आ रहा है, जो यह सारे मंत्री और अधिकारी मिल कर लूटा करते थे। उस पैसे की लूट हम लोगों ने बंद कर दी। यह लूट बहुत ज्यादा थी कि मैं बता नहीं सकता। 

*अगर आपके पास कोई भी गरीब आदमी आए, तो भी उसकी मदद जरूर करना- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चुनाव से पहले मैंने दिल्ली की सारी महिलाओं के लिए ऐलान कर दिया कि महिलाओं का बसों में सफर फ्री होगा। तब वो उन्होंने कहा कि पैसा कहां से आएगा? उसी समय गुजरात के मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए 190 करोड़ रुपए का एक जहाज खरीदा था। जबकि दिल्ली की सारी महिलाओं का बस में सफर फ्री करने के लिए 150 करोड़ रुपए ही लगे। गुजरात के मुख्यमंत्री ने जितने पैसे में अपने लिए जहाज खरीदा, उससे कम पैसे में दिल्ली की पूरी महिलाओं का बस में सफर फ्री कर दिया। सरकार में पैसा तो है, लेकिन इन लोगों ने जनता को बेवकूफ बना रखा है कि पैसा नहीं है। इसमें कोई टेक्निकल बात नहीं है, सिर्फ नियत चाहिए। अगर नियत साफ है, तो हो सकता है। मैं आज आप लोंगों से एक चीज मांगना चाहता हूं कि वैसे आप लोग बहुत लोगों की मदद करते हैं। अगर आपके पास कोई भी गरीब आदमी आए और उसके पास पैसे नहीं है, तो भी उसकी मदद जरूर करना। आप लोग मदद करते हैं और इसका गवाह हूं। 

*मुझे कभी किसी वकील ने मना नहीं किया और सभी ने मेरा फ्री में केस देखे- अरविंद केजरीवाल*

मुझे इस देश के लोग पिछले सात-आठ साल से जानने लगे हैं। उससे पहले तो मैं दिल्ली की सीमापुरी व सुंदरनगरी की झुग्गी झोपड़ियों के अंदर काम किया करता था। पहले इनकम टैक्स में काम करता था, वह नौकरी छोड़ दी और एक एनजीओ बना कर हम राइट टू इंफार्मेशन और राशन के मुद्दे पर झुग्गियों में काम करते थे। वहां झुग्गियों में लोगों को ढेरों परेशानियां होती थी। मैं उन लोगों को पकड़ कर वकीलों के पास लेकर जाता था। तब उनके काम होते थे। उस समय तो कोई मुझे नहीं जानता था और मैं एक सामान्य सा आदमी था। लेकिन मेरे को कभी किसी वकील ने मना नहीं किया। चाहे वह सुप्रीम कोर्ट का केस हो, हाई कोर्ट का केस हो या लोअर कोर्ट का केस हो, सभी वकीलों ने मेरा फ्री में केस देखे। मैं उन सभी वकीलों का शुक्रिया यदा करता हूं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के वकीलों से भी अपील करता हूं कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर मुझसे जो भी बन पड़ेगा, मैं मदद करूंगा। यह दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। 

*जब-जब भारत के संविधान पर हमले हुए हैं, तब-तब वकील समुदाय आगे आकर इसकी रक्षा की है- राजेंद्र पाल गौतम*

इस दौरान कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत के संविधान पर हमले हो रहे हैं। जब -जब भारत के संविधान पर हमले हुए हैं, तब-तब वकील समुदाय आगे आकर इसकी रक्षा की है। आज फिर भारत के संविधान पर हमला हो रहा है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान के निर्माताओं ने ऐसे भारत का सपना नहीं देखा था। पूरे देश के अंदर जिस तरह से सरकारी शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है, जानबूझ कर सरकारी स्कूलों के स्तर को गिराया गया है। इस अंधकार के माहौल में अरविंद केजरीवाल एक दीपक की तरह निकल कर आए और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हमारी सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया है। दिल्ली सरकार अपने पूरे बजट का 24 फीसद शिक्षा पर खर्च कर रही है। ऐसा देश में कोई और सरकार नहीं कर रही है। 12 फीसदी से अधिक बजट सिर्फ दिल्ली सरकार खर्च कर रही है। हमारी आपकी जिम्मेदारी है, देश को और देश के संविधान को बचाने की। आज यह संकल्प लें कि हम अपने संविधान को भी बचाएंगे और अपने देश को भी बचाएंगे और नफरत पैदा करने वालों को किसी भी सूरत में आगे नहीं बढ़ने देंगे। 

*वकील समुदाय जिसके साथ रहा है, उसको आज तक कोई नहीं हरा पाया- कैलाश गहलोत*

दिल्ली के कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि देश में वकीलों के वेलफेयर के लिए आजतक किसी भी राज्य और केंद्र सरकार वेलफेयर स्कीम लांच नहीं कर पाई। उन्होंने वादे तो जरूरत किए, लेकिन लागू कभी नहीं कर पाए। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुझे वकीलों के वेलफेयर की स्कीम को लांच करने का मौका दिया, यह मैं कभी नहीं भूलूंगा। कोविड के दौरान काफी वकीलों की भी जान दी। अभी तक हम 122 वकीलों को इस स्कीम का लाभ दे चुके हैं। 1200 से अधिक वकीलों को हेल्थ इंश्योरेंस का पैसा जारी कर चुके हैं। मेरी ख्वाहिश है कि जिस तरह यह संगठन दिल्ली में उभर रहा है, उसी तरह पूरे देश के सभी राज्य में जिला कोर्ट और तहसील में हमारा वकीलों का संगठन बने। वकील समुदाय जिसके साथ रहा है, उसको आज तक कोई नहीं हरा पाया। चाहे वह आजादी की लड़ाई हो, चाहे वह बाबा साहेब के संविधान को बचाने की लड़ाई हो, वकील जिसके साथ है, उसको कोई नहीं हरा सकता है।

News Reporter
पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाली निकिता सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ताल्लुक रखती हैं पिछले कुछ सालों से परिवार के साथ रांची में रह रहीं हैं और अब देश की राजधानी दिल्ली में अपनी सेवा दे रहीं हैं। नेशनल ब्रॉडकास्टिंग अकादमी से पत्रकारिता में स्नातक करने के बाद निकिता ने काफी समय तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के न्यूज़ पोर्टल्स में काम किया। उन्होंने अपने कैरियर में रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग के साथ-साथ वॉइस ओवर में भी तजुर्बा हासिल किया। वर्त्तमान में नमामि भारत वेब चैनल में कार्यरत हैं। बदलती देश कि राजनीती, प्रशासन और अर्थव्यवस्था में निकिता की विशेष रुचि रही है इसीलिए पत्रकारिता की शुरुआत से ही आम जन मानस को प्रभावित करने वाली खबरों पर पैनी नज़र रखती आ रही हैं। बेबाकी से लिखने के साथ-साथ खाने पीने का अच्छा शौक है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में योगदान जारी है।

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