यूपी में सौ से ज्यादा पीएफआई वर्कर गिरफ्तार-डीजीपी

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा है कि प्रदेश में हिंसा फैलाने वाले संगठन पीएफआई की गतिविधियां ठीक नहीं हैं। उससे जुड़े लोगों की गतिविधियां संदिग्ध मिल रही हैं। पीएफआई प्रतिवंधित किया जायेगा। दोका सामना से विशेष बात-चीत में मौर्य ने कहा कि पीएफआई के संदर्भ में सूचनाएं अच्छी नहीं हैं। केशव मौर्य की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कार्यकारी) ने बताया कि प्रदेश से पीएफआई के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पीएफआई ने उत्तर प्रदेश में बड़ी हिंसा फैलाई है,और हिंसा भड़काने के लिए प्रेरित किया है।प्रदेश के विभिन्न जिलों/स्थानों से पीएफआई से जुड़े सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।लखनऊ से 14, गाजियाबाद से 9 मुजफ्फरनगर 6  गोंडा एक, बहराइच 16 हापुड़ व जौनपुर से एक- एक गिरफ्तारी सीतापुर से 3 सबसे ज्यादा मेरठ से सर्वाधिक  21 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पीएफआई कि पूरे प्रदेश में सक्रियता है। सिमी पर प्रतिबंध के बाद उससे जुड़े लोगों ने केरल में पीएफआई के नाम से संगठन बनाया था। पीएफआई राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहा है। जहां इन्हें मौका मिलता है वहां यह आम लोगों को भड़का कर हिंसा के लिए उकसाते हैं। इस संगठन पर पुलिस की पैनी नजर है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिनरजा छह महीने से चिल्ला-चिल्ला कर कहा था कि प्रतिवंधित संगठन सिमी पर प्रतिवंध लगने के बाद उससे जुड़े लोगों पर प्रतिवंध नहीं लगा था। सिमी संगठन को प्रतिवंधित होने के बाद यही लोग पीएफआई और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़ कर सक्रिय हो गए। उन्होंने आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े लोगों की जांच की मांग किया था। मोहसिनरजा ने मांग किया है कि इन संगठनों को धन कहाँ से मिलता है इसकी जांच की जाय। जब से सीएए के विरोध में फंड की बात सामने आई है तब से देश भर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गयीं हैं।

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