देश की राजधानी में जुहार परिवार ने मनाया ‘नुआखाई’ पर्व
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नई दिल्ली। कहा जाता है की हिंदूओं में 33 करोड़ देवी देवता है जिनकी हर कोई अपने अपने तरह से पूजा करते हैं। देवी देवताओं वाले इस देश में त्योहारों की भी कमी नहीं,यहां हर ऋतु में अलग अलग प्रांतों में त्योहार मनाया जाता है। फसल बुआई से फसल काटने तक यहां त्योहार मनाने की परंपरा है। मकर संक्रांति,लोहड़ी,पोंगल और बिहू देश के विभिन्न राज्यों में मनाए जाते हैं। पश्चिम ओड़िसा का नुआखाई भी फसल तैयार होने पर मनाया जाता है। इस त्योहार पर धान के नए पैदावार से तरह तरह के पकवान का भोग देवताओं को लगाया जाता है और धरती मां का आभार प्रकट कर अगले साल अच्छे फसल के लिए कामना की जाती है। इस दिन चावल के नए पैदावार से विभिन्न तरह के पकवान बनाकर सगे संबंधियों व दोस्तों में बांटते हैं तथा त्योहार का आनंद लेते हैं। नुआखाई के लिए पश्चिम ओडिसा के लोग अरसा पीठा बनाते हैं और सभी देवी देवताओं की पूजा करते हैं, साथ ही सभी लोग अपने पूर्वजों को भी याद करते हैं।

गति माह ओड़िसा के कई इलाकों में ये त्योहार धूम-धाम से मनाया गया लेकिन ओड़िसा से पंद्रह सौ किलोमीटर दूर राजधानी दिल्ली में भी प्रदेश की वैसी ही छटा दिखी जब पूरा ओड़िसा एक मंच पर साथ नजर आया। जोहार परिवार की तरफ से नुआखाई फेस्टिवल में उड़िया संस्कृति का अद्भूत संगम हुआ। दिल्ली में पिछले कई सालों जुहार परिवार की तरफ से इसका आयोजन किया जा रहा है। तीन हजार से ज्यादा परिवार के लोग एक साथ इकट्ठा होकर हर्षोल्लास से ये पर्व मनाते हैं। जोहार ग्रुप के आयोजक और मीडिया कोर्डिनेटर चूड़ामणि साहू लंबे समय से राजधानी में उड़िया परिवार को एकजुट करने में जुटे हैं। वो कहते हैं इस कल्चर को ओड़िसा से लेकर देश विदेश में बढ़ाने और पहुंचाने में पूरी जोहार टीम ने कड़ी मेहतन की है और हमलोग इस कार्यक्रम को न सिर्फ धूमधाम से मनाते हैं बल्कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम और वहां के परंपरागत खानपान का पूरा लुत्फ उठाते हैं। जोहार ग्रुप के फाउंडर मेंबर वीरेन्द्र साहू ने बताया की 19 साल पहले छोटे स्तर पर इसकी शुरूआत की गई थी,मां समलयी के आशीर्वाद और जोहार ग्रुप के सभी साथियों के सहयोग से आज हमलोग इस मुकाम पर पहुंच गए हैं कि देश की राजधानी में अपनी कला-संस्कृति को बनाए रखने और इसे बढ़ाने के क्रम में निरंतर अग्रसर हैं। इसी क्रम में आज के इस कार्यक्रम में 100 से अधिक कलाकारों ने अपने कला के माध्यम से करीब 50 फोल्क डांस की प्रस्तुति की।


दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की पत्नी मृदुला टी प्रधान, सांसद प्रभास कुमार सिंह बतौर अतिथि मौजूद थे। सभी लोगों ने दिल्ली में रह रहे उड़ियावासियों को इस पर्व की शुभकामनाएं दी और आयोजकों की भी प्रशंसा की। नौ रंगों या रस्म रिवाजों वाले इस त्योहार पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी रंगारंग प्रस्तुति हुई। देवी-देवताओं की पूजा के साथ नटराज कला परिषद की ओर से रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गायिका और नृत्यांगना ने लोगों का मन मोह लिया। जुहार सम्मान 2018 ओड़िसा के कालाहाड़ी से श्री श्याम सुंदर लाल और श्रीमती कस्तूरी लाल को सम्मानित किया गया और जुहार परिवार के सदस्यों की तरफ से फैशन शो की प्रस्तुति की गई। इसमें जोहार परिवार के बच्चों ने रैंप पर चलकर तालियां बटोरी। संभलपुरी सिंगर अनीता पाण्डा का कहना है कि विरासत में मिली परंपरागत को आगे बढाने और इसे बचाने के लिए इस तरह का आयोजन बहुत जरूरी है। जबकि बांसुरी वादक हिमांशु नंदा कहते हैं हम अपने प्रांत की परंपरा को कैसे भूल सकते हैं यहीं तो हमारी शान और पहचान है जिसके लिए हम जीते हैं। इसी बहाने हम लोग इस पर्व के माध्यम से एक साथ एकत्र होकर खुशियों का इजहार करते हैं साथ ही अपनी संस्कृति का प्रचार प्रसार करते हैं ।

News Reporter

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