लखनऊ : जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा आरोग्य मेला

लखनऊ। प्रदेश के सभी नगरीय व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आयोजित हुआ। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- उजरियांव, गोमतीनगर में आरोग्य मेले का शुभारम्भ प्रदेश के मुख्य सचिव आर. के. तिवारी ने किया । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के जरिये आज जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा रहीं हैं जो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच का सफल परिणाम है । यह प्रयास अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा ।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीमारियों के बारे में यदि शुरुआत में ही पता चल जाए तो उसे नियंत्रित करने में बहुत ही आसानी होती है । इसी सोच के साथ प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक बार फिर से हर रविवार को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने घर के नजदीक ही परामर्श, जाँच और इलाज की सुविधा मिल सके । इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किये गए प्रयासों और इंतजामों की हर स्तर पर सराहना हुई है । अब कोविड टीकाकरण की भी पूरी तैयारी की जा चुकी है और जल्द ही टीकाकरण भी प्रदेश में शुरू होगा । तैयारियों को परखने के लिए सोमवार (11 जनवरी) को पूरे प्रदेश में एक बार फिर ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) चलाया जाएगा । पहले चरण में प्रदेश के नौ लाख स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा, दूसरे चरण में कोविड के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले करीब 18 लाख कर्मचारियों को टीका लगेगा और तीसरे चरण में प्रदेश के 50 साल की उम्र से अधिक के लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित करीब चार करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा । बर्ड फ्लू से निपटने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं । जरूरी बचाव के जरिये ही इससे सुरक्षित रहा जा सकता है ।


आरोग्य मेले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए गए विभिन्न स्टाल पर जाकर मुख्य सचिव ने जानकारी प्राप्त की और लाभार्थियों से भी रूबरू हुए । उन्होंने पूर्ण टीकाकरण का प्रमाणपत्र वितरित करने के साथ ही अन्धता निवारण कार्यक्रम के तहत चश्मे का भी वितरण किया । आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड भी प्रदान किया । मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं को स्वयंसेवी संस्था ममता (हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड) द्वारा तैयार की गयी पोषण थाली प्रदान की और गर्भावस्था के दौरान पोषण की महत्ता भी बताई । वेक्टर बार्न डिजीज को लेकर लखनऊ में किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त की और कहा कि सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि आज प्रदेश में विभिन्न संक्रामक बीमारियों में गिरावट देखने को मिल रही है । आरोग्य मेले में स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के लोक कलाकारों द्वारा कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करने को लेकर प्रस्तुत किये गए नुक्कड़ नाटक को उपस्थित सभी अधिकारियों ने सराहा । मेले में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने भी अपना स्टाल लगाया और मेले में आने वाले लोगों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले पुष्टाहार की उपयोगिता भी समझाई ।

इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की शुरुआत फरवरी 2020 से हुई थी किन्तु कोविड-19 के संक्रमण के चलते उसे 15 मार्च के बाद स्थगित करना पड़ा था । स्थितियों के सामान्य होने की ओर बढ़ने के साथ ही आज से फिर इसकी शुरुआत हो रही है ताकि लोगों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया करायी जा सकें । इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुसार जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने घर के नजदीक ही समस्त स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आज जनपद के स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित आरोग्य मेले का 6028 लोगों ने लाभ उठाया, जिसमें 2723 पुरुष, 2327 महिलाएं और 978 बच्चे शामिल हैं । इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के 90 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड भी बनाया गया । स्वास्थ्य मेले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाई जा रही है, इसी क्रम में बख्शी का तालाब क्षेत्र के विधायक अविनाश त्रिवेदी ने महोना पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेले में शिरकत की और लोगों से इस मेले से ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की ।
आरोग्य मेले में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी- उजरियांव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी सीएमओ, जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक समेत कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे ।

आरोग्य मेले में मिलने वाली सुविधाएँ :

​आरोग्य मेले में ओ.पी.डी. की सेवाओं के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार, कालाजार, फाइलेरिया एवं कुष्ठ रोग से सम्बंधित जानकारी, आवश्यक जांच, उपचार और संदर्भन (रेफर) की सुविधाएँ मिलीं । इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) एवं मुख्यमंत्री आरोग्य अभियान की जानकारी देने के साथ ही गोल्डन कार्ड का वितरण किया गया । गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श और जरूरी सेवाएं दी गयीं । पूर्ण टीकाकरण परामर्श व सेवाएं दी गयीं, बच्चों में डायरिया व न्यूमोनिया के रोकथाम, बचाव और उपचार की जानकारी और सुविधाएँ मिलीं । कुपोषित बच्चों के चिन्हीकरण एवं उनके उपचार के लिए समुचित कार्यवाही की गयी । परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनके फायदे बताए गए । आरोग्य मेले के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर- 104 को डायल किया जा सकता है ।

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