किसानों के जन आंदोलन का पूर्ण समर्थन कर रही जन अधिकार पार्टी

रिपोर्ट – विवेक राजपूत झाँसी

झाँसी में कृषि विधेयक बिल के खिलाफ जन अधिकार पार्टी जून के प्रथम सप्ताह से धरना प्रदर्शन करती आ रही है. आज 29 वा सप्ताह है. नई कृषि नीति किसान विरोधी है कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाली है l कॉन्ट्रैक्ट खेती किसान को गुलाम बनाने वाली है यह कृषि नीति किसान और उससे जुड़े सभी लोगों को गुलामी की तरफ ले जाने वाली है और आम आदमी को भी नुकसान पहुंचाने वाली है ऐसी कृषि नीति को तुरंत वापस लिया जाए l इसके अलावा भी जन अधिकार पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा अन्य दूसरी मांगे भी धरना प्रदर्शन के दौरान करती आ रही है.

केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति को निजी क्षेत्रों की कंपनियां उद्योगपतियों को कौड़ियों के दाम बेचा जा रहा है. इससे देश की अपूरणीय क्षति होगी इसे तत्काल रोका जाए l पेट्रोल डीजल पर आरोपित टैक्स को केंद्र सरकार कम करें जिससे पेट्रोल डीजल सस्ता हो सके l बहन बेटियों पर हो रहे अन्याय अत्याचार तुरंत रोके जाएं और अन्याय अत्याचार करने वालों से सरकार सख्ती से कार्रवाई करें l

पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों की हत्या एवं उत्पीड़न को तत्काल रोका जाए l सरकार नई शिक्षा नीति की आड़ में देश के पिछड़े और दलित किसान मजदूर को शिक्षा से वंचित करना चाहती है और उन्हें पुनः देश की चली आ रही वर्ण व्यवस्था की तरफ ले जाने वाली है जन अधिकार पार्टी नई शिक्षा नीति का भी पुरजोर विरोध करती है ऐसे कानून को जो शिक्षा से वंचित करता हो उसे तुरंत वापस लिया जाए l मजदूरों को व्यवस्थित होने के लिए उन्हें कम से कम ₹15000 एकमुश्त दिए जाएं और ₹7500 अगले बरस 1 साल तक लगातार दिए जाएं l सरकार द्वारा पिछड़ों का आरक्षण मेडिकल सभी क्षेत्रों में जीरो कर दिया गया है इसे तत्काल बहाल किया जाए l

साथ ही भागीदारी संकल्प मोर्चा यह भी मांग करती है कि पिछड़े वर्ग मैं क्रीमी लेयर की व्यवस्था समाप्त की जाए l यदि सरकार क्रीमी लेयर व्यवस्था लागू कर करना ही चाहती है तब क्रीमी लेयर की सीमा शुद्ध बचत के हिसाब से कम से कम ₹1500000 रखा जाए सामान्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाए l किसानों को खाद बीज व कीटनाशक दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएं और सिंचाई के लिए बिजली व्यवस्था निशुल्क की जाए l अन्ना प्रथा आवारा पशुओं को बंद किया जाए गौशालाओं में सुधार लाए जाएं उनमें अभी पशुओं का मरना जारी है उनकी व्यवस्था की जाए छोटे l मझोले किसानों दुकानदारों व्यापारियों का कर्ज़ एवं बिजली का बिल माफ किया जाए l किसानों के गन्ने का मूल्य का भुगतान तत्काल किया जाए l एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का दर्जा दिया जाए तीनों कृषि विधेयक निरस्त किए जाएं और उन पर पुनर्विचार के लिए प्रदेश सरकार किसानों की समिति एवं कृषि वैज्ञानिकों की मदद से दोबारा कृषि सुधार कानून लाया जाए जिससे किसान खुशहाल हो सके l
इस मौके पर महावीर सिंह ,पीडी कुशवाहा, मातादीन फौजी, मधु कुशवाहा जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, उर्मिला कुशवाहा जिला उपाध्यक्ष आशा लता कुशवाहा ,बिहारी लाल कुशवाहा ,मुरारी लाल कुशवाहा ,करण कुशवाहा, अनुराग ,हरिओम , चंदन कुशवाहा ,अंकित कुशवाहा, कैलाश नारायण कुशवाहा, आशीष कुशवाहा ,भरत कुशवाहा अखाड़ा ,वीरेंद्र ,डॉ ज्ञानेंद्र पांचाल जिला संगठन मंत्री ,कालीचरण पांचाल, पंकज पांचाल, महेंद्र सिंह जिला उपाध्यक्ष ,महेश वर्मा एडवोकेट, गौतम कुशवाहा एडवोकेट ,ध्रुव सिंह कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, प्रकाश बिरला ,भानु पांचाल, भरत कुशवाहा आदि दर्जनों लोगों ने भाग लिया l

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