अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर असम के राज्यपाल ने गहरा शोक व्यक्त किया
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गुवाहाटी, 16 अगस्त : असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी सबके चहेते श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनके निधन से अत्यंत आहत हैं तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं। तीन बार देश के प्रधानमंत्री के बागडोर सम्भालने वाले श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर आज पूरा देश शोक में डुबा है। 93 वर्ष के उम्र में नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आज उनका निधन हुआ।
प्रो. मुखी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल जी के बारे में बताते हुए कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व अत्यंत विलक्षण एवं अद्भुत था। वे एक महान नेता के साथ-साथ एक श्रेष्ठ कवि व साहित्यकार भी थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विश्व पटल पर भारत का बेजोड़ प्रतिनिधित्व किया। राज्यपाल प्रो. मुखी ने आगे कहा कि अटल जी के कुशल नेतृत्व एवं बुद्धिमता ने राष्ट्र के साथ विश्व को भी प्रेरित एवं मार्गदर्शित किया।
सन 1977 में अटल जी विदेश मंत्री की हैसियत से संयुक्त राष्ट्र संघ की जेनरल असेम्बली में हिंदी में पहली बार संबोधन करके विश्व को आश्चर्यचकित ही नहीं, बल्कि अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी की गरीमा को विश्व समुदाय के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने भाषण के माध्यम से भारत की प्राचीन परंपरा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश को दोहराया ।
अपने कार्यकाल के दौरान भारत की ओर से पोखरन मे किये गये परमाणु परीक्षण पर सूक्ष्म मंतव्य देते हुए कहा था कि यह देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, पर हम अहिंसावादी हैं, हमारा दूसरे देशों से कोई मुकाबला नही है।

प्रो. मुखी ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल जी के साथ उनका गहरा लगाव था, दिल्ली सरकार में बतौर वित्तमंत्री उन्होंने  जब भी किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनसे विचार-विमर्ष किया करते, तो वे बड़े सुलझे हुए शब्दों में मार्गदर्शन देते । प्रो. मुखी ने विश्वास जताया कि अटल जी के दिखाए गए मार्ग पर चलकर हम देश को उन्नति के शिखर पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास शोक व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रो. मुखी ने ईश्वर से प्रार्थना की
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