नेपाल में भारतीय एंबेस्डर मंजीव अयोध्या पहुँचे
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 रुपेश श्रीवास्तव/  भारत-नेपाल के पौराणिक और धार्मिक सम्बन्ध को और मजबूत करने के लिए राम नगरी अयोध्या और मां सीता की नगरी जनकपुर के मध्य मैत्री बस सेवा नियमित रूप से चलेगी, दोनों देशों को रेल मार्ग से भी जोड़ा जाएगा और भारत में निर्मित हो रहे रामायण सर्किट की श्रंखला को नेपाल में भी विस्तारित किया जाएगा, इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक के साथ ही धार्मिक आयोजनों का भी आदान-प्रदान किया जाएगा, इस आशय की पूर्ती के लिए नेपाल में भारतीय एंबेस्डर मंजीव सिंह पुरी अयोध्या पहुंचे, अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर विचार-विमर्श किया और देर शाम तक मंदिरों में पूजा-अर्चना की |
अयोध्या पहुंचकर मंजीव सिंह पुरी ने रेंज के कमिश्नर मनोज मिश्रा और जिलाधिकारी डॉ अनिल पाठक से मुलाकात की। मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध बहुत ही अटूट और प्राचीन है, इसको और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और जनकपुर का संबंध सांस्कृतिक,धार्मिक और ऐतिहासिक है, इसे मजबूत करने के लिए विगत 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ अयोध्या और जनकपुर मैत्री बस यात्रा का शुभारंभ किया था। नेपाल सरकार में थोड़ी सी औपचारिकताएं शेष हैं जो शीघ्र पूरी हो जाएँगी और अयोध्या से जनकपुर बस यात्रा नियमित रूप से शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बस के अलावा अयोध्या और नेपाल को रेलवे लाइन से भी जोड़ा जाएगा।नेपाल सीमा तक भारत में बिहार के जयनगर तक रेलवे लाइन बन चुकी है, बस केवल अब नेपाल सरकार को अपने देश में रेलवे लाइन बनवाने की जरूरत रह गई है, जिसके लिए ब्रॉडगेज का निर्माण तेज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के संबंधों को और मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक आयोजनों का भी आदान-प्रदान होगा। मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध दोनों सरकारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे सरकार गंभीरता से ले रही है।मंजिव सिंह पूरी ने कहा कि इसके अतिरिक्त भारत में निर्मित हो रहे रामायण सर्किट को नेपाल तक विस्तारित किये जाने की भी योजना है, जिससे भारत और नेपाल के सम्बन्ध और मजबूत हो सके.अयोध्या पहुंचकर मंजीव सिंह पुरी ने सपत्नीक रामजन्म भूमि परिसर में रामलला और एतिहासिक हनुमानगढ़ी में हनुमंत लला के दर्शन किये और कनक भवन में माथा टेकने के बाद गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड भी गए।

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