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लखीमपुर हिंसा केस में आशीष मिश्र की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

 लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू को राहत नहीं मिली है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष की जमानत शुक्रवार को लखनऊ हाईकोर्ट ने खारिज कर दी.

न्यायमूर्ति करुणेश सिंह की सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए आशीष मिश्र को जमानत देने से इंकार कर दिया. आशीष मिश्र लखीमपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी है. लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हिंसा हुई थी. इस मामले में आशीष मिश्र ने पुलिस के भारी दबाव के बाद सरेंडर किया था.

आशीष मिश्र की जमानत पर कोर्ट में 29 नवंबर को भी सुनवाई की थी. कोर्ट ने राज्य सरकार को दस दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे. इसके पहले आशीष मिश्र की जमानत सत्र न्यायाधीश ने खारिज की थी. इसके बाद आशीष ने लखनऊ हाईकोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी.

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हिंसा भड़की थी. इसमें चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. किसानों की तहरीर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत अन्य पर मामला दर्ज किया गया था. आशीष मिश्र पर किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप लगा था.

लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर खूब राजनीति भी हुई थी. आज भी इस मामले को लेकर कांग्रेस, सपा, बसपा समेत तमाम विपक्षी दल केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. लखीमपुर खीरी हिंसा के सारे आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. इसी बीच आशीष मिश्र की जमानत लगातार खारिज हो रही है.

एजीए ने कोर्ट को आगे बताया कि लखीमपुर हिंसा मामले की जांच एसआईटी के द्वारा की जा रही है, जिसके बाद कोर्ट ने यूपी सरकार को आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने और सभी गवाहों के बयान दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है.

बता दें कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आईजी पद्मजा चौहान, प्रीतिंदर सिंह तथा एसबी शिरोडकर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है. वहीं इस एसआईटी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रिटा जस्टिस राकेश जैन मॉनिटरिंग कर रहे हैं. पिछले दिनों एसआईटी की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी.

गौरतलब है कि यूपी के लखीमपुर के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की कार से कुचल दिया गया, जिसमें छह किसानों की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया.

News Reporter
पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाली निकिता सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ताल्लुक रखती हैं पिछले कुछ सालों से परिवार के साथ रांची में रह रहीं हैं और अब देश की राजधानी दिल्ली में अपनी सेवा दे रहीं हैं। नेशनल ब्रॉडकास्टिंग अकादमी से पत्रकारिता में स्नातक करने के बाद निकिता ने काफी समय तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के न्यूज़ पोर्टल्स में काम किया। उन्होंने अपने कैरियर में रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग के साथ-साथ वॉइस ओवर में भी तजुर्बा हासिल किया। वर्त्तमान में नमामि भारत वेब चैनल में कार्यरत हैं। बदलती देश कि राजनीती, प्रशासन और अर्थव्यवस्था में निकिता की विशेष रुचि रही है इसीलिए पत्रकारिता की शुरुआत से ही आम जन मानस को प्रभावित करने वाली खबरों पर पैनी नज़र रखती आ रही हैं। बेबाकी से लिखने के साथ-साथ खाने पीने का अच्छा शौक है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में योगदान जारी है।
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