गृह मंत्रायलय से जारी निर्देशों के बाद जिलाधिकारी ने कृषि से जुडे़ कई कामों में दी छूट

कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए पूरा देश लाॅकडाउन है, लेकिन लाॅकडाउन के दौरान कृषि से जुड़े कई कामों को इजाजत दी गई है। आने वाले दिनों में रबी फसलों की कटाई होने वाली है। इसमें समस्या न हो इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत कृषि से जुडे काम और कृषि मशीनरी को ले जाने, मंडियों और खरीद एजेंसियों को छूट दी गई है।

भारत सरकार के गृह मंत्रायलय से जारी निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कृषि से जुडे़ कई कामों में छूट दिए जाने संबधी आदेश जारी कर दिए है। इसके अनुसार कृषि श्रमिकों, उर्वरकों, कीटनाशकों और बीजों की विनिर्माण एवं पैकेजिंग करने वाली इकाइयों को लॉकडाउन से छूट दी है। कृषि यंत्रों और खेती के कामकाज वाली मशीनरी के कस्टम हायरिंग केंद्रों को भी लॉकडाउन अवधि के दौरान काम करने की अनुमति दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय से जारी निर्देशों का अनुपालन हेतु संबधित कार्यालयध्यक्ष पूरी तरह से जिम्मेदार रहेंगे।

रवि फसलों की कटाई, मडाई, भण्डारण एवं मंडी स्थल तक कृषि उत्पादों के परिवहन को सुचारू रूप से संपादित किए जा सकेंगे। खाद्य सुरक्षा हेतु आवश्यक है कि कृषि से संबधित समस्त कार्य से बिना किसी अवरोध के संपादित कराए जाए। वर्तमान में रवि फसलों की कटाई, मडाई, भण्डारण तथा जायद फसलों की बुवाई का कार्य किसनों द्वारा किया जा रहा है। फसल कटाई के दौरान श्रमिक सोसियल डिस्टेसिंग का पालन और उपकरणों का सेनेटाइजेशन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जायद मौसम में बोई जाने वाली फसलों के बीज/पौध से संबधित विक्रय केन्द्र राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवधि तक खुले रहेंगे। बीज कंपनी/फर्म के अनुरोध के अनुरूप गन्तव्य स्थल को जाने हेतु पास निर्गत किए जाएगें। उर्वकर एवं कीटनाशक की आपूर्ति होने पर लोडिंग अनलोडिंग हेतु श्रमिकों की व्यवस्था जिला प्रशासन की अनुमति से मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा किए जाएंगे।

पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में उत्पादित फलों के प्रसंस्करण से संबधी कार्य चलते रहेंगे। साथ ही हल्दी, अदरक की बुवाई एवं पौध सुरक्षा में लगे श्रमिकों, कार्मिकों को भी कार्य करने की छूट दी गई है। फसल कटाई प्रयोग एवं फसल बीमा के माध्यम से कृषकों की क्षतिपूर्ति हेतु राजस्व विभाग के कार्मिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से सुनिश्चित कराएगें और अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को देय क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।

लाॅकडाउन की अवधि में कृषकों एवं उनके वाहनों को मंडी समिति या स्थानीय बाजार में सामान लाने, ले जाने एवं विक्रय करने के लिए बाधित न किया जा सकेगा। पशुओं के चारे जिसमें मत्स्य पालन, कुटकुट पालन, बकरी पालन इत्यादि के फीड शामिल है का अन्तरजनपदीय परिवहन नही रोका जाएगा। जिस प्रकार बीज, उर्वरक, कीटनाशक रसायन, फल, सब्जियों, दूध को प्रतिबंध से दूर रखा गया है उसी प्रकार अंडों के विक्रय को भी मुक्त रखते हुए परिवहन की व्यवस्था में छूट दी गई है।

रिपोर्ट
संतोष नेगी

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