शिक्षक जो हर स्वतंत्रता दिवस पर लेते है गरीब बेटियों को गोद
संतोषसिंह नेगी/ चमोली जिले में ऐसे भी शिक्षक है जिनके के लिए स्वतंत्रता दिवस रस्म अदायगी का दिन नही है वह मेधावी छात्राओं की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लेते है ।जिनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है उनको पढ़ाने का अभियान चलाया है इस बार भी 6  प्रांजलि, सीमा,इंदु, मीनाक्षी, जमुना, गंगा  मेधावी छात्राओं का चयन किया है ऐसे शिक्षक है धनसिंह घारिया जो हमेशा गरीब छात्र -छात्राओं को पढने के लिए प्रोत्साहन करते है
धनसिंह घरिया बताते है जब शिक्षक के रूप में उच्चतम माध्यमिक विद्यालय नैनीताल में तैनाती मिली तो 15 अगस्त का दिन था लेकिन एक बच्चा प्रभातफेरी में नही आ पाया जब पता चला कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है औरत घर में पहनने के लिए दूसरी कपड़े भी नही है तो इस घटना ने उन्हे सोचने पर मजबूर कर दिया उसी दिन से संकल्प लिया की ऐसे छात्र- छात्रों की मदद अवश्य करूंगा ।
2006 से उनकी तैनाती राजकीय इन्टर कालेज गोदली में राजनीति विषय के प्रवक्ता पद हो गयी तब से आज तक इस क्षेत्र में गरीब असहाय बच्चों की शिक्षा के लिए शासन-प्रशासन से भी पत्राचार भी करते है।प्रधानाचार्य वी -एस प्रजापति ने भी  धनसिंह घरिया की सराहना की।राजकीय शिक्षक संघ पोखरी के अध्यक्ष प्रदीप विष्ट ने शिक्षक घरिया प्रेरणा के स्रोत बताते हुए उनके सामाजिक कार्यो की सराहना की ।इस अवसर पर पी टी ए अध्यक्ष संदीप बर्त्वाल, आर के शैलानी, प्रदीप विष्ट, प्रशांत कोटनाला, मनवर नेगी,अमित किमोठी मौजूद थे।

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