अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें – डॉ० कृष्णगोपाल

भारतीय शिक्षण मण्डल, दिल्ली प्रान्त के शालेय प्रकल्प द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज (सांध्य) में दिनांक २२ मार्च, २०२२ दिन मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए डॉ० कृष्णगोपाल जी ने कहा कि छोटे-२ विद्यालयों को ठीक कैसे किया जाय ? इस ओर प्रयास करने की जरुरत है | माननीय ने अपने विद्यालय की जर्जर स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उसके कायाकल्प पर प्रकाश डाला | उन्होंने बताया कि यहाँ से विद्यालयों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू हुई, जल्द ही दर्जनों विद्यालयों में बुनियादी सुधार का कार्य सम्पन्न हुआ जिसमें उन विद्यालयों से पढ़कर निकले छात्रों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा | उन्होंने सरकारी विद्यालयों की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भविष्य के भारत की तस्वीर तभी बदलेगी जब विद्यालयों की तस्वीर बदलेगी | विद्यालय में उपलब्ध संशाधन विद्यार्थियों को आकर्षित करेगा जबकि शिक्षकों को प्रेरित करने से उनके मनोबल पर सकारात्मक असर दिखेगा | उन्होंने इस कार्य हेतु सामर्थ्य व्यक्ति को प्रेरित करने एवं उनके अन्दर भावना विकसित करने को कहा जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी बदलाव को मूर्तरूप दिया जा सके |

डॉ० कृष्णगोपाल जी ने उपस्थित सदस्यों से कहा कि वे अपने गाँव जाये, स्थिति का आँकलन करें, टीम बनायें, एवं शैक्षणिक बदलाव का संवाहक बनें | अध्यापकों को प्रोत्साहित करने के साथ ही पुरातन छात्रों को जोड़ने एवं स्थानीय निवासियों को सहभागी बनाकर समाज के इस कार्य में अपनी भूमिका का निर्वहन करने पर बल दिया | माननीय ने कहा कि अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आगे आकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें | सरकार पर निर्भर होने के स्थान पर समाज पर निर्भरता महत्वपूर्ण है |


इस दौरान भारतीय शिक्षण मण्डल के अध्यक्ष माननीय सच्चिदानन्द जोशी जी ने कहा कि जिस परिवेश, जिस विद्यालय से हम शिक्षा प्राप्त करते हैं उनके प्रति हमारा दायित्व बनता है | शहरी क्षेत्र के विद्यालय साधन सम्पन्न हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी विद्यालय संशाधन की कमी झेल रहे हैं | ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय में पढ़ रहे मेधावी छात्रों तक भी संशाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हमें आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए | शालेय प्रकल्प द्वारा किये जा रहे कार्य को रेखांकित करते हुए प्रो० जोशी जी ने माननीय कृष्णगोपाल जी के सहयोग पर प्रकाश डाला | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री ज्ञानेश्वर जी ने शिक्षा कायाकल्प के जरिये हुए बदलाव को बताते हुए कहा कि निश्चित ही बदलाव का प्राथमिक चरण ही सम्पन्न हुआ है परन्तु इससे गुणात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है |


इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मण्डल के अखिल भारतीय सह-संगठन मन्त्री माननीय शंकरानन्द जी ने विषय की भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा कायाकल्प की संकल्पना को अंगीकार करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए | माननीय ने कहा कि यदि हम एक विद्यार्थी के जीवन में भी रौशनी ला सकें तो सकारात्मकता को बल मिलेगा | उन्होंने इस कार्य की बीड़ा उठाने के लिए संकल्प लेने एवं योगदान देने के लिए सदस्यों को प्रेरित भी किया, साथ ही उपस्थित सभी सदस्यों को पुनरुत्थान के इस कार्य में सहभागी बनने को प्रेरित भी किया | महोदय ने कहा कि मण्डल का शालेय प्रकल्प शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कार्य कर रहा है |


इस अवसर पर शिक्षा कायाकल्प के प्रमुख सदस्य श्री महेश जी ने बताया कि पिछले ३ वर्षों में १९८ स्कूलों को गोद लेकर कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है | उन्होंने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर प्रकाश डालते हुए मूलभूत सुविधा को बढ़ाने हेतु पालक, शिक्षक एवं प्रधानाचार्य, स्थानीय निवासी सहित भूतपूर्व छात्रों के साथ मिलकर किये जा रहे प्रयास के बारे में बताया | श्री महेश जी ने ३ वर्षों के अन्दर गोद लिए गये विद्यालयों में छात्रों की संख्या में २८ प्रतिशत बढ़ोत्तरी की जानकारी दी | उन्होंने ३ वार्षिक कार्यक्रम एवं पत्रिका प्रकाशन की जानकारी भी प्रस्तुत की | साथ ही के० आर० बालिका इंटर कॉलेज में शिक्षा कायाकल्प के अन्तर्गत किये गये प्रयास से भी उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया | इस दौरान शिक्षा कायाकल्प से जुड़े श्री ब्रजभूषण जी ने अपनी टीम द्वारा विद्यालय के अन्दर किये गये कार्यों के बारे में भी बताया |

तत्पश्चात श्री ज्ञानेश्वर जी एवं श्री अनिरुद्ध सिंह जी की टीम द्वारा मथुरा स्थित स्कूल के कायाकल्प के लिए किये गये प्रयासों को बताया गया | इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की सहभागिता के साथ ही स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की जानकारी प्रस्तुत की | श्री धीरज जी जैन ने नंदगांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में किये गये कार्यों के बारे में बताते हुए विद्यालय में संरचनात्मक बदलाव एवं शैक्षणिक सुधार को रेखांकित किया | श्री विक्रम अग्रवाल जी ने पं० दीन दयाल उपाध्याय बालिका इंटर कॉलेज, फाराह, मथुरा में किये गये कार्यों के बारे में बताया जिसके अन्तर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शैक्षणिक सुधार की दिशा में किये गये कार्य के बारे में जानकारी दी | श्री अनुज कुमार गर्ग जी ने बरसाना क्षेत्र के दो विद्यालयों के कायाकल्प पर प्रकाश डाला | उन्होंने बताया कि दोनों विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है जिसका सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुआ है |


कार्यक्रम का संचालन डॉ० विभूति जी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापित करने का कार्य प्रान्त अध्यक्ष प्रो० रवि टेकचन्दानी जी ने किया | कार्यक्रम का आरम्भ डॉ० भरत जसनानी द्वारा प्रस्तुत ध्येय श्लोक एवं डॉ० संजीव कुमार द्वारा प्रस्तुत ध्येय वाक्य के साथ हुआ | तत्पश्चात माननीय सच्चिदानन्द जोशी जी ने माननीय डॉ० कृष्णगोपाल जी को तुलसी का पौधा प्रदत्त कर स्वागत किया | फलस्वरूप दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई | कार्यक्रम में शालेय प्रकल्प ठोली, प्रान्त उपाध्यक्ष सोमदत्त शर्मा जी, प्रांत मंत्री डॉ. सुरेश गोहे जी, प्रान्त संगठनमन्त्री श्री गणपति टेटे जी, डूटा अध्यक्ष प्रो० ए के भागी जी, प्रो० राजकमल मिश्र जी, श्री सुदर्शन जी, आनंद जी, डॉ० गजराज सिंह जी, एवं डॉ० मिथिलेश पाण्डेय जी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे | अन्त में डॉ० गायत्री जी द्वारा प्रस्तुत कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ

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