आज़म खान अतीक़ अहमद के बाद अब इस पूर्व सपा विधायक पर चला योगी का हंटर

दिलीप गुप्ता/सादुल्लाह नगर। भू-माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे योगी सरकार के अभियान में पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी और उनके परिवार के लोग भी लपेटे में आ गए हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए मामले में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया गया है। बलरामपुर जिले की उतरौला विधानसभा सीट से पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा करके पेट्रोल पंप और इंटर कॉलेज का निर्माण कराया था। पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने मामले की जानकारी देते बताया कि सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी करने और ग्राम समाज की जमीन को अवैध रुप से पट्टा कराकर हासिल करने के मामले में 2018 में एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था।

आरिफ अनवर हाशमी किसान बालिका इंटर काॅलेज के तत्कालीन प्रबन्धक रहे हैं। पूर्व विधायक ने ग्राम गूमा  फातमाजोत की सरकारी जमीन को अवैध रुप से पट्टा कराकर किसान बालिका इन्टर कालेज का निर्माण करा लिया। बाद में जमीन के पट्टे को अवैध करार देते हुए बलरामपुर जिलाअधिकारी ने पट्टे को 26 सितंबर 2018 को निरस्त कर दिया था। जिसके बाद उतरौला एसडीएम जेपी सिंह ने अवैध पट्टे के सम्बन्ध में सादुल्ललाहनगर थाने में आरिफ के अलावा लेखपाल मुर्तजा बेग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।पुलिस का कहना है कि विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध अपराध प्रमाणित होने के बाद आरिफ को मुबारकपुर मोड से गिरफ्तार किया गया है। 

दूसरी तरफ विधायक आरिफ अनवर हाशमी का कहना है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। पूर्व विधायक के ऊपर धोखाधड़ी और सरकारी जमीन पर कब्जा करने के 2 मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक मामले की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक की गिरफ्तारी सादुल्ला नगर स्थित कार्यालय से की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उनके और उनके भाई मारूफ अनवर हाशमी के नाम से जारी शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की भी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 

गौरतलब है कि आरिफ अनवर हाशमी वर्ष 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। पिछला विधान सभा चुनाव भी उन्होंने सपा के ही टिकट पर लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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