बजट से बदलेगा शैक्षणिक एवं शोध परिदृश्य- भारतीय शिक्षण मण्डल

दिल्ली : सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में शिक्षा को प्रमुखता दिये जाने से शैक्षिक जगत में हर्ष व्याप्त है | भारतीय शिक्षण मण्डल ने इस बजट को नये शैक्षिणक परिवेश के निर्माण के लिए आधारशिला माना है साथ ही बजट में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सरकार की रुचि का ह्रदय से स्वागत किया है | बजट में ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की बात भी की गई है जिससे शिक्षा से वंचित समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने में मदद मिलेगी | सरकार के इस बजट में शोध के क्षेत्र में भी विशेष प्रयास की संकल्पना दिखती है | राष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए 50 हजार करोड़ व्यय करने की बात की गई है | इससे शोध आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा |

भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़े संगठन रिसर्च फ़ॉर रिसर्जेंस फाउंडेशन ने इसे देश एवं समाज केंद्रित शोध की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
रिसर्च फ़ॉर रिसर्जेंस फाउंडेशन इसी लक्ष्य को लेकर 2016 से निरंतर कार्यरत है।

सरकार की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को पेश किये गये बजट में इस बार ९३, ३०० करोड़ का प्रावधान किया गया है | बजट में विशेष रूप से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आधार बनाकर शैक्षिक सुधारों का खाका तैयार किया गया है जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को सुधारा जा सके | भारतीय शिक्षण मंडल 1969 से शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर कार्य कर रहा है।

उच्च शिक्षा में सुधार के लिए उच्चतर शिक्षा आयोग के गठन की बात की गई है जिससे एक नये शैक्षिणक परिदृश्य के निर्माण की सम्भावना है | इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न समितियों के बीच सामन्जस्य स्थापित होगा | सरकार ने इस बार शिक्षा बजट में शिक्षा से वंचित अथवा उपेक्षित क्षेत्रों पर विशेष तौर पर ध्यान दिया है जिससे सर्वांगीण विकास को मजबूती दी जा सके |

यही कारण है कि इस बार के बजट में लेह में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण की बात भी की गई है, जिससे उच्च शिक्षा से वंचित इस क्षेत्र को विकास से जोड़ा जा सके | साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए 758 एकलव्य विद्यालय खोलने की बात भी की गई है जिससे वर्षों से शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित इस समुदाय को शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी |

सरकार इंजीनियरिंग के छात्रों के प्रशिक्षण के लिए 3 हजार करोड़ खर्च करेगी। इसके लिए अप्रेंटिसशिप अधिनियम में सुधार किया जाएगा | इससे कौशल का विकास होगा और कम्पनियों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे। राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन की शुरुआत की गई है | इससे भारतीय भाषाओं में शासन और नीति संबंधित ज्ञान का प्रसार होगा | बजट में अन्य देशों के साथ कौशल तकनीकी और ज्ञान के हस्तांतरण की बात भी की गई है जिससे भारतीय ज्ञान का प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी |

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