बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट में 17 प्रकार की सामग्री,क्या आपको मिल रही है ?

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 05 किलो लाई, 02 किलो भूना चना, 02 किलो अरहर की दाल, 500 ग्रा0 नमक, 250 ग्रा0 हल्दी, 250 ग्रा0 मिर्च, 250 ग्रा0 धनिया, 05 ली0 केरोसिन,01 पैकेट मोमबत्ती, 01 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 ली0 रिफाइन्ड तेल, 100 टेबलेट क्लोरीन एवं 02 नहाने के साबुन वितरित किये जा रहे है।

उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 1,86,176 खाद्यान्न किट व 3,44,623 मी0 तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 351 मेडिकल टीम लगायी गयी है।गोयल ने बताया कि बाढ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 384 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चैकियां स्थापित की गयीहै।

वर्तमान में प्रदेश के 14 जनपद (अम्बेडकरनगर, अयोध्या,आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा,कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर, तथा सीतापुर) के 407गांवों बाढ़ से प्रभावित है। गंगा नदी गायघाट (बलिया) में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है।

प्रदेश में 533 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 7,52,554 पशुओं का टीकाकरण भी किया
गया हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 4,807 कंुतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नं0-1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है।


मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि नदी का जलस्तर कम होते समय कटान से होने वाली समस्याओं से निपटने के प्रभावी उपाय किये जाएं तथा ऐसे गांव जिनमें बाढ़ का पानी उतर गया है उनमें दवाईयों के छिड़काव, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।


श्री गोयल ने बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेशमें वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0 की 10 टीमें तथा एस0डी0आर0एफ0 की 07 टीमें व पी0ए0सी0 की 09 टीमें इस प्रकार कुल 26 टीम तैनाती की गयी है। 142 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़/अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी
किये जा चुके है।

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