सरकारी प्रताड़ना का शिकार ब्राह्मण  समाज-नकुल दुबे

मिर्जापुर-   ब्राह्मणों का उत्पीड़न मौजूदा सरकार का स्वभाव बन गया है। तभी तो  वे पुलिसिया अत्याचार के शिकार है। जब पुलिस चाहती है तो घर गिरा देती है और जब चाहती है तो गाली पलट जाती है।  मिर्जापुर में आयोजित ब्राह्मण छात्र सभा के कार्यक्रम में बसपा सरकार में मंत्री रहे नकुल दूबे ने यही कहा।  पर वे इतना कहकर रूके।  जमकर सरकार की ब्राह्मण विरोधी नीतियों पर बरसे।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों सभी राजनीतिक दलों ने बस शोषण किया है। उनको किसी राजनीतिक दल ने सम्मान दिया है तो वह बसपा है।  वे बोले कि  ब्राह्मण समाज को सम्मान, स्थान और पहचान बसपा में मिला है। उन्होंने कहा कि  ब्राह्मणों की हत्या की जा रही है।  विकास दूबे  का हवाला देते हुए वे बोले  कि उसने तो आत्मसमर्पण कर दिया था तो उसे भागने की जरूरत क्या थी?

वे बोले कि अगर उसे भागना ही होता तो वह आत्मसमर्पण क्यों करता?  उसने किया, इसका मतलब भागने का उसका इरादा नहीं था।  वह कानून के जरिए न्याय चाहता था।  लेकिन उसे न्याय नहीं मिला क्योंकि वह ब्राह्मण था।

उन्होंने आगे कहा कि   असल यह सरकार ही ब्राह्मण विरोधी है। अगर नहीं होती तो खुशी दुबे को परेशान करने का क्या मतलब है?  वह तो नाबालिग है। उसका पति भी नाबादिल था।  विकास दूबे विकदांग था।  सबका अपराध इतना भर था और है कि वे  ब्राह्मण है।

इस कार्यक्रम का ब्राह्मण छात्र सभा के अध्यक्ष सर्वेश दीक्षित, नीरज तिवारी,पूर्व बसपा विधायक  राम शिरोमणि शुक्ला जैसे कई वरिष्ठ और प्रबुद्धजन मौजूद थे।

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