फोकस सैम्पलिंग से कोविड संक्रमित की पहचान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि दिल्ली में संक्रमण बढ़ने से प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में कोरोना संक्रमण के केस की बढ़ोत्तरी हुयी है। जिला प्रशासन द्वारा दिल्ली से आने-जाने वाले लोगों की रैण्डम चेकिंग की जा रही है। प्रदेश के अन्य जनपदों में संक्रमण की दर कम हुयी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगभग 3 करोड़ घरों केे 14 करोड़ 22 लाख जनसंख्या की सर्वेक्षण करके प्रत्येक व्यक्ति से सम्पर्क करके कोरोना के लक्षण की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनता के सहयोग से उत्तर प्रदेश में संक्रमण अभी नियंत्रण में है लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की अधिक आवश्यकता है।

प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,61,888 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 1,76,36,904 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना सेे संक्रमित 2858 नये मामले आये हैं। प्रदेश में 23,357 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। होम आइसोलेशन में 10,395 लोग हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 2,97,248 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा प्राप्त करते हुए 2,86,853 लोगों ने अपने होम आइसोलेशन की अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालयों में 2167 लोग ईलाज करा रहे हैं, इसके अतिरिक्त बाकी मरीज एल-1, एल-2 तथा एल-3 के सरकारी अस्पतालों में अपना ईलाज करा रहे है। प्रदेश में 1.50 लाख कोविड बेडों की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 4,91,131 कोविड-19 से ठीक होकर पूर्ण उपचारित हो चुके है। प्रदेश में कोविड-19 रिकवरी रेट 94.08 प्रतिशत हो गया है। ई-संजीवनी के माध्यम से 24 घंटे में 2175 चिकित्सीय परामर्श लिए है। अब तक कुल 2,19,773 से अधिक लोग चिकित्सीय परामर्श ले चुके है। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,60,009 क्षेत्रों में 4,58,444 टीम दिवस के माध्यम से 2,90,43,327 घरों के 14,22,22,649 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है।
श्री प्रसाद ने बताया कि फोकस सैम्पलिंग का दूसरा चरण का अभियान 19 नवम्बर, 2020 से अभियान चल रहा है जो 30 नवम्बर, 2020 तक चलाया जायेगा। जिसमें शहर के मलिन बस्तियों, अस्थायी/स्थायी जेलों में, बाल/बालिका सुधार गृह, वृद्धाश्राम व नारी निकेतन, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों आदि, कक्षा 09 से 12 के शिक्षण कार्य में लगे शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की, सभी सरकारी/प्राइवेट कार्यालयों में, बाजारों/साप्ताहिक बाजारों में काम करने वाले व्यक्तियों की फोकस सैम्पलिंग की जायेगी। फोकस सैम्पलिंग के माध्यम से कोविड संक्रमित लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों तथा पूर्व में किसी अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि कोरोना से उपचारित लोगों को यदि कोई समस्या हो तो उनके लिए पोस्ट कोविड केयर सेन्टर भी कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया सार्वजनिक स्थानो पर बिना माॅस्क पाये जाने पर 500 रू0 दण्ड स्वरूप वसूला जा रहा है, इसलिए सभी से अपील है कि संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करे, नियमित हाथ धोएं तथा उचित दूरी बनाये रखे।

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