ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये तृतीय केदार भगवान तुगनाथ के कपाट
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संतोषसिंह नेगी/ पंच केदारो में तृतीय केदार के नाम से विख्यात व चन्द्रशिला की तलहटी में बसे भगवान तुगनाथ के कपाट शुक्रवार दोपहर 12 बजे पौराणिक परम्पराओ व रीति रिवाजों के अनुसार ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये है । भगवान तुगनाथ के कपाट खुलने के पावन अवसर पर तुगनाथ मन्दिर को लगभग दस कुन्तल पुष्पो से सजाया गया था । कपाट खुलने के मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान तुगनाथ के स्वयभू लिंग पर जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया । शुक्रवार को बह्म बेला पर विद्वान आचार्यो द्वारा चोपता में भूतनाथ मन्दिर में भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली व साथ चल रहे अनेक देवी देवताओं के निशाणो की विशेष पूजा अर्चना कर आरती उतारी तथा भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए अपने धाम को रवाना हुई ।
चोपता के व्यापारियों व देश – विदेश के श्रद्धालुओं ने भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली को लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर मनौतिया माँगी । ठीक नौ बजे भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने धाम के लिए रवाना हुई । भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सुरम्य मखमली बुग्यालो में नृत्य करते हुए तथा यात्रा पडावो पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए ठीक 12 बजे धाम पहुँची । भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुँचने पर तुगनाथ पुरी जय भोले के उदघोषो से गुजायमान हो उठी । भगवान तुगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने मुख्य मन्दिर की तीन परिक्रमा करने के बाद भगवान तुगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये है । कपाट खुलते ही भगवान तुगनाथ के स्वयभू लिंग से चन्दन,  भृगराज , पुष्प श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित किये गये तथा मठापति राम प्रसाद मैठाणी द्वारा भगवान तुगनाथ का दान करने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तुगनाथ धाम पहुँच कर पुण्य अर्जित किया ।
इस मौके पर हरिद्वार सांसद डा0 रमेश पोखरियाल निशंक , प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित,  कमल रावत,  महेन्द्र रावत,  नरेन्द्र सिंह नेगी,  राजेश कुवर , ममता कुवर , कैलाश मैठाणी,  ऋर्षि सेमवाल,  आशीष मैठाणी,  मोहन प्रसाद मैठाणी,  अनिल पुरोहित,  लक्ष्मण सिंह चौहान,  रवीन्द्र मैठाणी,  प्रियाशु मैठाणी,  पंकज रावत , कर्मवीर बर्तवाल,  जय सिंह चौहान,  उषा भट्ट,  कविता भट्ट,  प्रदीप बजवाल,  बिक्रम सिंह रावत,  लम्बोदर प्रसाद मैठाणी,  चन्द्र बल्लभ मैठाणी,  भरत मैठाणी,  प्रकाश मैठाणी,  सुरेन्द्र प्रसाद मैठाणी,  सतीश मैठाणी,  रिवाधर मैठाणी,  गंगोत्री राणा,  शंकर सिंह नेगी,  सहित देश -विदेश के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे ।

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