2 माह के दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर भागी माँ, राहगीर महिला ने बच्चे को अपनाया

2 माह के दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर भागी माँ, राहगीर महिला ने बच्चे को अपनाया

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पहले कहा जाता था कि – “पूत कपूत सुने हैं, पर ना माता सुनी कुमाता” लेकिन अब इसके मायने बदल चुके हैं । कलयुग में अब माताएं भी कुमाता होने लगी हैं । ऐसा ही हृदयस्पर्शी एक मामला अमेठी जनपद मुख्यालय कोतवाली…