मीडिया की विश्वनीयता के लिए गलैमर घातक-हितेष शंकर

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय में “मीडिया की विश्वसनीयता” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया, जिसमें मुख्य अतिथि पांचजन्य के संपादक हितेष शंकर तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मीडिया फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण शर्मा तथा लोकसभा टीवी के प्रख्यात एंकर मनोज वर्मा मौजूद रहे। इस सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता चौ रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी ने की।

सम्मेलन के समापन सत्र की शुरुआत भाषायी पत्रकारिता को बढ़ावा देने के महाविद्यालय के संकल्प के तहत भाषाई दीप प्रज्ज्वलन कर किया गय़ा। इस मौके पर सभी अतिथियों को पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया गया।

सम्मेलन के समापन सत्र के मुख्य अतिथि तथा पांचजन्य के संपादक हितेष शंकर ने कहा कि भारत की पत्रकारिता विश्व में एक अनूठा स्थान रखती है क्योंकि भारत के ज्यादातर महापुरूष पत्रकार रहे है। जिन पत्रकारों ने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, उन महापुरूषों की पत्रकारिता का मकसद केवल समाज का सुधार करना था, जिसे आज का पत्रकार भूलता ज रहा है। यहीं कारण है मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये जा रहे हैं। इसे वापस बनाए रखने के लिए पत्रकार को अपने दायित्व को याद रखने की जरूरत है। संपादक हितेष शंकर ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वास को वापस लाने के लिए पत्रकारों को ग्लैमर शब्द को भूलने की सख्त जरूरत है, तभी कुछ मीडिया के हित में हो सकता है। उन्होंने फेक न्यूज फेक नैरेशन तथा पेड न्यूज को पत्रकारिता की विश्वसनीयता के लिए कैंसर बताया। उन्होंने कई ज्वलंत उदाहरण देते हुए समाचार चैनलों एवं मीडिया संस्थानों के समाचार प्रस्तुतीकरण के षड्यंत्र को शोधकर्ताओं के समक्ष उजागर किया। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों का चेहरा कई चेहरे लिए हुए है जिसे उजागर किया जाना बेहद आवश्यक है। श्री हितेष ने महाविद्यालय के भाषाई पत्रकारिता के दीप प्रज्ज्लन एवं विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मेंटौर कॉर्नर की सराहना करते हुए कहा कि सुभारती पत्रकारिता विद्यालय अतुलनीय कार्य कर रहा है।

चौ रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति आरबी सोलंकी ने समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैं आज सुभारती में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन का हिस्सा बना। इसके लिए मैं सभी का तय दिल से धन्यवाद देता हूं। उन्होंने विषय के बारे में बोलते हुए कहा कि जब मीडिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगता जा रहा है, जिससे मुझे उस लक्ष्य की याद आती है जो पहले समय में एक सच्चे पत्रकार का हुआ करता था, लेकिन आज का पत्रकार इस बात को नहीं समझ पाएगा, क्योंकि शायद वो किसी लक्ष्य को लेकर ही नहीं चल रहे है। यहीं कारण है कि मीडिया की विश्वसनीयता कम हो गई। प्रोफेसर सोलंकी ने कहा कि जो काम सुभारती विश्वविद्यालय एवं उसका पत्रकारिता महाविद्यालय कर रहा हैं वह कोई केंद्रिय महाविद्यालय भी नहीं कर रहे है। राष्ट्र निर्माण एवं समाज निर्माण में सुभारती की अहम भूमिका साबित हो रही है।

विशिष्ट अतिथि अरुण शर्मा ने कहा कि आज मीडिया संस्थान पत्रकार को बता रहे है कि खबर कैसे लिखनी है। वो पत्रकारों के सहीं खबर के साथ खिलवाड़ कर रहे है। मीडिया संस्थान आज खुद के फायदे वाली ही खबरें दिखा रहा है, जिससे साफ तौर पर मीडिया की विश्वसनीयता पर उगुंली उठाई जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी समस्या के हल के लिए पत्रकार को अपनी आवाज को बुलंद करनी होगी।

विशिष्ट अतिथि मनोज वर्मा ने मीडिया की विश्वसनीयता पर बोलते हुए कहा कि आधुनिक पत्रकारिता के जनक शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं था और न ही कभी हो सकता था, लेकिन जाने क्यों अब पत्रकारों को कार की लत लग गई है। उन्हें खबरों को बेचना आ गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का वो स्तंभ था जो बाकि सभी स्तंभ पर नजर रखता था लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता पर दाग लगता जा रहा है। यह केवल मीडिया के नहीं बल्कि देश की राष्ट्रीयता के लिए भी चिंता का विषय है।

इस दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने समापन में कहा कि हमारा महाविद्यालय भाषायीं पत्रकारिता पर काम करता है क्योंकि अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए भाषायीं पत्रकारिता ही योगदान दे सकती है। उन्होंने आगे कहा कि आज इस सम्मेलन के सफलतापूर्ण समाप्त होने पर हम सभी का धन्यवाद देते है। इस तरह के विषय पर बात करना बेहद जरूरी है क्योंकि आज मीडिया की विश्वसनीयता दाव पर है और इसे बचाना हमारा धर्म है। हम आगे भी इस पर लगातार अपना योगदान देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता पर शान, संस्कृति का मान, संस्कारों पर अभिमान, चरित्र का स्वाभिमान, बुजुर्गों का सम्मान, भविष्य का भान एवं स्वयं का ज्ञान जिसको नहीं है और जहां नहीं है वहां विश्वसनीयता हमेशा दाव पर रहेगी।

सम्मेलन के समापन में बेस्ट रिसर्च पेपर का अवार्ड हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शोधकर्ता श्यामसुंदर को दिया गया जिन्होंने ‘हिंदी मीडिया की भाषा की विश्वसनीयता का प्रश्न’ विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। वहीं सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार महाविद्यालय के बीजेएमसी प्रथम वर्ष के छात्र अनुज तोमर को बेस्ट रिसर्च पेपर का अवार्ड दिया गया।

पहला तकनीकी सत्र सोशल मीडिया की विश्वसनीयता विषय पर आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता सीसीएस विश्वविद्यालय के डॉ. प्रशांत कुमार ने की। वहीं वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्रे कुमार मुख्य वक्ता के तौर पर तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर हास्य कवि एवं नाटककार बंसीधर चतुर्वेदी मौजूद रहे। इस सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालय के शोधार्थियों एंव प्राध्यापकों ने विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किये। इस सत्र का आयोजन प्रीति सिंह और यासिर अरफात ने संयुक्त रुप से किया। सत्र का मंच संचालन सीकेब मजीद ने किया और रिपोर्ट प्रस्तुती सलोनी कश्यप ने की।

विज्ञापन की विश्वसनीयता एवं विश्वसनीयता एवं कानून विषय पर दूसरा तकनीकी सत्र आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के अग्रसेन कॉलेज पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. विनिता गुप्ता ने किया। वहीं मुख्य वक्ता के तौर पर सीरियल हेल्थकेयर इंटरप्रेन्योर स्वादीप श्रीवास्तव और विधि मंत्रालय के कानूनी सलाहकार संदीप शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर सुभारती विधि संकाय के प्राचार्य डॉ. वैभव गोयल भारती मौजूद रहे। इस सत्र का आयोजन डॉ. गुंजन शर्मा तथा बीनम यादव ने संयुक्त रुप से किया। सत्र का मंच संचालन जया कुमारी ने किया और रिपोर्ट प्रस्तुती प्राची राठी ने की।

इस मौके पर महाविद्यालय की फोटो पत्रिका व्यक्त का मीडिया फेस्ट वहिरंग पर विशेषांक का विमोचन किया गया। इस पत्रिका को प्राध्यापक यासिर अरफात के नेतृत्व में विद्यार्थियों द्वारा प्रतिमाह प्रकाशित किया जाता है।

डॉ. गुंजन शर्मा तथा डॉ. मुदस्सीर सुल्तान सम्मेलन के सह-संयोजक रहे। समापन सत्र का संच संचालन साक्षी कक्कर, जोया अंसारी, महिमा चौधरी तथा स्वपनिल वर्मा ने संयुक्त रुप से किया। सम्मेलन को सफल बनाने में विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर अशोक त्यागी, बीनम यादव, प्रिति सिंह और यासिर अरफात के अलावा प्रिंस चौहान, संजय जुगरान, कर्ण सिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। विद्यार्थियों में रोहित चौधरी, इशा, सारांश, पूजा सहानिया, वंशिका सैनी, सोनम सैनी, सिद्धांत बेदी, स्पर्श, नेहा पाठक, सलोनी कश्यप, मुजाहिद, मेहुल, प्रयांशु अभिषेक, सीमा डबास, सहित अन्य विद्यार्थियों ने अहम भूंमिका अदा की।

मैंटोर क्लब द ब्रेनिकः पिपल विद क्रिएटिव माइंट्स का हुआ उद्घाटन

दो दिवसीय सम्मेलन के अवसर पर महाविद्यालय के मैंटोर क्लब द ब्रेनिकः पिपल विद क्रिएटिव माइंट्स का उद्घाटन भी किया गया। इस क्लब को प्राध्यापक यासिर अरफात के नेतृत्व में तैयार किया गया है। इस ग्रुप के सदस्य एमजेएमसी दूसरे वर्ष के छात्र राहुल सिंघल, एमजेएसमी प्रथम वर्ष की छात्रा अंजु तोंगर, बीजेएमसी तृतीय वर्ष के विद्यार्थी वंशिका सैनी, पूजा सहानिया, अहमद शाह, स्पर्श शर्मा, आदिल, शिवानी, बीजेएमसी दूसरे वर्ष के विद्यार्थी सिकेब मजीद, मौहम्मद मुजाहिद, प्रयांशु, बीजेएमसी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पूजा शर्मा, प्रिंस रंजन शुक्ला, पंकज कुमार, कनिश्का आदि ने इस ग्रुप को तैयार किया।

इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने ग्रुप के सदस्यों को शुभकामानाएं देते हुए कहा कि एक एक विद्यार्थी का ध्यान रखना महाविद्यालय की संकल्पना होती है। व्यक्ति निर्माण, चरित्र निर्माण की राह प्रशस्त करता है इसलिए सुभारती पत्रकारिता महाविद्यालय एक एक विद्यार्थी में भाव पैदा करने एवं जुड़ाव महसूस करने के लिए मैंटोर क्लब और मैंटर कॉर्नर एक महत्वकांक्षी योजना है। उम्मीद है कि ब्रेनिक इस कार्य को पूरे भाव एवं आत्मीयता से पूरा करेगा। वहीं इस मौके पर इस ग्रुप के मैंटोर यासिर अरफात ने कहा कि विद्यार्थियों में आपसी सहयोग और विकास की भावना विकसित हो यही इस ग्रुप का उद्देश्य है।

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